लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

US-Iran Switzerland Talks: अपनों के बीच ही फंसे डोनाल्ड ट्रंप! ‘ईरान को अरबों-खरबों डॉलर, अमेरिकियों की होगी हत्या’, किसने डराया?

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

ईरान के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ज्ञापन समझौते की, डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन, दोनों पार्टियों ने लगातार आलोचना की. समझौते की आलोचना करते हुए लॉमेकर्स, पुराने अधिकारियों और नीति विशेषज्ञों ने सवाल उठाया कि क्या तेहरान को इस समझौते से वाशिंगटन से ज्यादा फायदा हुआ है. यह आलोचना तब हुई जब उपराष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्जरलैंड में ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं. हालांकि, ट्रंप सरकार के अधिकारियों ने इस डील का बचाव करते हुए इसे एक कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत बताया जिसका मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था.

सीबीएस के ‘फेस द नेशन’ पर संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि सरकार ईरान के साथ बातचीत को “पूरी तरह से खुली आंखों से” देख रही है और यह सुनिश्चित करने पर फोकस कर रही है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके. वाल्ट्ज ने कहा, “हमें इस प्रक्रिया को एक मौका देना होगा. हमें शांति को एक मौका देना होगा.” उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका बातचीत की मेज पर “मजबूत स्थिति” के साथ पहुंच रहा है और भविष्य में होने वाली किसी भी व्यवस्था की नींव “भरोसे पर नहीं, बल्कि सत्यापन पर” आधारित होगी. हालांकि, दोनों पार्टियों की तरफ से आलोचना हुई.

‘डोनाल्ड ट्रंप ने कर दिया सरेंडर’

डेमोक्रेटिक सीनेटर कोरी बुकर ने एनबीसी के मीट द प्रेस को बताया कि वह इस समझौते का समर्थन नहीं करते और इसे “एक तरह से सरेंडर” बताया. बुकर ने कहा, “ईरान को सारे फायदे मिलते हैं, सचमुच अरबों-खरबों डॉलर. यह उनकी बनाई हुई एक बहुत बड़ी नाकामी है.” पूर्व रक्षा सचिव मार्क एस्पर ने भी सीजफायर और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने का स्वागत करने के बावजूद इस समझौते पर अपनी शंकाएं जताईं. एस्पर ने कहा, “जब मैं समझौते को देखता हूं, तो इसमें कई ऐसे पॉइंट हैं जिनके बारे में मेरे मन में गंभीर सवाल और चिंताएं हैं. मेरे हिसाब से बहुत सारे इंसेंटिव डील में बाद में देने के बजाय शुरू में ही दे दिए गए हैं.”

‘समझौते फेल हुआ तो ट्रंप होर्मुज पर कर लेंगे कब्जा’

सीबीएस पर, रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने डिप्लोमेसी जारी रखने का समर्थन किया, लेकिन समझौते में कमियों को भी माना. ग्राहम ने कहा, “क्या एमओयू में कोई दिक्कत है? हां. मैं इसे टालने के बजाय डिप्लोमेसी आजमाना पसंद करूंगा.” ग्राहम ने एक भविष्यवाणी करते हुए कहा, “अगर यह डिप्लोमैटिक कोशिश विफल हो जाती है, तो राष्ट्रपति ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा कर लेंगे. हम इसे चलाएंगे.” इस बहस ने ट्रंप की अपनी पार्टी के अंदर की फूट को भी सामने ला दिया.

‘पैसे का इस्तेमाल अमेरिकियों की हत्या के लिए होगा’

सीबीएस ने कई रिपब्लिकन सीनेटरों के कमेंट्स दिखाए, जिनमें उन्होंने इस एग्रीमेंट पर चिंता जताई थी. सीनेटर टेड क्रूज ने कहा, “अगर हम ईरान को अरबों डॉलर देते हैं तो उस पैसे का इस्तेमाल अमेरिकियों की हत्या करने के लिए किया जाएगा.” सीनेटर जॉन कॉर्निन ने चेतावनी दी कि ईरान रिलीज किए गए फंड का इस्तेमाल अपनी सैन्य क्षमताओं को फिर से बनाने के लिए कर सकता है.

ये भी पढ़ें- स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की बातचीत खत्म, हाई लेवल कमेटी पर बनी सहमति, अराघची का आया पहला रिएक्शन

अमेरिका की सुरक्षा पर नीति विशेषज्ञों ने उठाए सवाल

ऊर्जा और विदेश नीति विशेषज्ञों ने भी इस एग्रीमेंट के लंबे समय के असर पर सवाल उठाए. व्हाइट हाउस के पूर्व ऊर्जा सलाहकार अमोस होचस्टीन ने तर्क दिया कि इस डील ने तेहरान को बड़ी छूट दी. उन्होंने कहा, “इस समझौते ने अमेरिका को कम सुरक्षित बना दिया.” क्लियरव्यू ऊर्जा साझेदार केविन बुक ने कहा कि यह व्यवस्था ईरान के साथ पहले के समझौतों की तुलना में ज्यादा बड़ी लगती है, खासकर तेल एक्सपोर्ट के मामले में.

सरकार बातचीत से नतीजे के लिए कमिटेड

आलोचना के बावजूद, वाल्ट्ज ने जोर देकर कहा कि सरकार बातचीत से नतीजे के लिए कमिटेड है. उन्होंने कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि हम एक डील पर पहुंच जाएंगे.” पिछले हफ्ते हस्ताक्षर किए गए एमओयू ने अमेरिका और ईरान के बीच लगभग चार महीने से चल रहे झगड़े को खत्म कर दिया और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर बातचीत के लिए 60 दिन का समय दिया.

ये भी पढ़ें- ‘मेरी जिंदगी में दो अहम ‘भारतीय-पाकिस्तानी’ लोग हैं…’, आसिम मुनीर का जिक्र कर क्या बोले जेडी वेंस

आईएएनएस के इनपुट के साथ

]
Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

‘भारत के खिलाफ जंग छेड़ देंगे’, बिलावल भुट्टो के बाद पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने दी इंडिया को धमकी

भारत संग बॉर्डर विवाद पर बालेन शाह मान ही नहीं रहे, यूके के मीडिएशन पर सफाई भी दी और अड़े भी, ‘जरूरत पड़ी तो…’

स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की बातचीत खत्म, हाई लेवल कमेटी पर बनी सहमति, अराघची का आया पहला रिएक्शन

स्विट्जरलैंड में हाई-वोल्टेज ड्रामा! ईरान-अमेरिका बातचीत पर गहराया संकट, जानें ऐसा क्या हुआ कि 80 मिनट ही हो पाई बात

Iran US Talk in Switzerland: अमेरिकियों से न हाथ मिलाया, न फोटो खिंचाई, बातचीत की टेबल पर ईरान ने नहीं बदले तेवर

US-ईरान पीस टॉक के बीच कतर के गैस टर्मिनल में बड़ा धमाका, 54 घायल, 18 लापता

Leave a Comment