Health Emergency: मेडिकल इमरजेंसी कहीं भी, कभी भी और किसी के साथ हो सकती है. ऐसे समय में घर में मौजूद कुछ बेसिक मेडिकल डिवाइस स्थिति को समझने और डॉक्टर तक जरूरी जानकारी पहुंचाने में मदद कर सकती हैं.
इसकी अहमियत मुझे खुद अपने अनुभव से समझ आई. कुछ समय पहले मेरी मां के सिर व आंख में अचानक बहुत तेज दर्द हुआ और दर्द की दवा देने के बाद भी उन्हें आराम नहीं मिला. उस समय आसपास के कुछ लोगों ने इसे एसिडिटी या दूसरी सामान्य वजहों से जोड़कर अलग-अलग सुझाव दिए. हम उस समय गांव में थे और नजदीकी शहर करीब 2 घंटे की दूरी पर था. घर पर BP जांचने की मशीन भी नहीं थी, इसलिए उस समय यह पता नहीं चल पाया कि उनका ब्लड प्रेशर कितना बढ़ा हुआ है.
जब हम उन्हें लेकर शहर पहुंचे और डॉक्टर ने जांच की, तो पता चला कि उनका BP काफी ज्यादा बढ़ गया था और इसके चलते उनकी एक आंख की नस फट गई थी. उस दौरान डॉक्टर ने कहा कि ऐसी स्थिति में घर पर BP की रीडिंग पता होना कितना जरूरी हो सकता था.
इस घटना के बाद मुझे महसूस हुआ कि घर में BP मॉनिटर जैसी बेसिक मेडिकल डिवाइस होना सिर्फ सुविधा की बात नहीं बल्कि बहुत जरूरी है.

इसी विषय पर Max Smart Super Speciality Hospital, Saket, New Delhi के कार्डियक साइंसेज विभाग के वाइस चेयरमैन और यूनिट हेड डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया है कि घर में कुछ बेसिक मेडिकल डिवाइस रखना उपयोगी हो सकता है. आइए जानते हैं कौन-कौन सी डिवाइस घर में होनी चाहिए और इनका इस्तेमाल कब काम आ सकता है.
BP मॉनिटर

घर में सबसे उपयोगी मेडिकल डिवाइस में से एक ऑटोमैटिक अपर-आर्म ब्लड प्रेशर मॉनिटर है. यह सिस्टोलिक प्रेशर यानी ऊपरी संख्या और डायस्टोलिक प्रेशर यानी निचली संख्या के साथ पल्स रेट की जानकारी देता है. आमतौर पर 120/80 mmHg के आसपास का ब्लड प्रेशर नॉर्मल माना जाता है. वहीं, बार-बार 130/80 mmHg या इससे ज्यादा रीडिंग आने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. सही रीडिंग के लिए जांच से पहले करीब 5 मिनट शांत बैठना चाहिए. इसके बाद लगभग एक मिनट के अंतर पर दो रीडिंग लेना बेहतर होता है.
ग्लूकोमीटर

घर में किसी को डायबिटीज है, खासकर अगर वह इंसुलिन या ऐसी दवाएं ले रहा है जिनसे ब्लड शुगर कम हो सकता है, तो ग्लूकोमीटर काफी उपयोगी हो सकता है. यह कुछ ही सेकेंड में ब्लड ग्लूकोज की रीडिंग देता है. 70 mg/dL से कम ब्लड शुगर को लो ब्लड शुगर यानी हाइपोग्लाइसीमिया माना जाता है. डॉ. राजीव अग्रवाल के मुताबिक, कई मामलों में बहुत कम ब्लड शुगर तत्काल चिंता का विषय हो सकता है. ऐसे में शुगर की रीडिंग पता होना डॉक्टर के लिए स्थिति को समझने में मदद कर सकता है.
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पल्स ऑक्सीमीटर

सांस लेने में परेशानी के दौरान पल्स ऑक्सीमीटर ब्लड में ऑक्सीजन सैचुरेशन यानी SpO₂ और पल्स रेट की जानकारी देता है. आमतौर पर स्वस्थ लोगों में ऑक्सीजन सैचुरेशन 95-100% के बीच रहता है. हालांकि, कुछ दिल या फेफड़ों की बीमारी वाले लोगों और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सामान्य स्तर अलग हो सकता है. अगर ऑक्सीजन लेवल लगातार गिर रहा है और साथ में सांस फूलना या अन्य लक्षण बढ़ रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तत्काल मेडिकल सलाह लेनी चाहिए.
थर्मामीटर

घर में थर्मामीटर होना भी बेहद जरूरी है. इससे शरीर का तापमान मापकर बुखार की जानकारी मिल सकती है और उसके आधार पर इलाज कराई जा सकती है.
स्मार्टवॉच या पोर्टेबल ECG डिवाइस

जिन लोगों को दिल से जुड़ी कोई समस्या है, उनके लिए ECG फीचर वाली स्मार्टवॉच या पोर्टेबल ECG डिवाइस उपयोगी हो सकती है.
हालांकि, घर में मेडिकल डिवाइस रखना तभी फायदेमंद है, जब परिवार के लोगों को उनका सही इस्तेमाल भी पता हो. गलत तरीके से BP, ब्लड शुगर या ऑक्सीजन की जांच करने पर गलत रीडिंग मिल सकती है और इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है.
डॉक्टर ने बताया कि ये उपकरण जानकारी देने में मदद करते हैं लेकिन इमरजेंसी की स्थिति में मेडिकल टेस्ट और समय पर इलाज का विकल्प नहीं हैं.
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