लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

स्कूल से आते ही बच्चे से ये 5 सवाल पूछना पड़ सकता है भारी, कहीं आप भी तो नहीं करते ये गलती? ऐसे करें बातचीत की शुरुआत

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

Parenting Tips: दिनभर स्कूल की पढ़ाई, रूल्स-डिसिप्लिन और दोस्तों के बीच रहने के बाद जब बच्चा अपने घर वापस लौटकर आता है, तो वह सिर्फ फिजिकली ही नहीं, बल्कि मेंटली भी पूरी तरह से थक चुका होता है. ऐसे में अक्सर माता-पिता एक्साइटमेंट और लाड-प्यार में आकर उससे कई तरह के सवाल पूछने लग जाते हैं. भले ही इसके पीछे माता-पिता की नीयत सिर्फ बच्चे का हाल-चाल जानने की होती है, लेकिन कई बार अचानक पूछे जाने वाले ये सवाल बच्चों को असहज और चिड़चिड़ा सा बना देते हैं.

अगर आप चाहते हैं कि आपका अपने बच्चे के साथ रिश्ता हमेशा मजबूत और प्यार भरा बना रहे, तो स्कूल से आते ही अपने बच्चे से कुछ खास सवाल पूछने से बचें और साथ ही उससे बातचीत करने का एक बिल्कुल नया और आसान तरीका अपनाएं. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं सवालों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं और साथ ही आपको बच्चे से बात करने का सही तरीका भी बताने जा रहे हैं.

स्कूल से आते ही न पूछें ये 5 सवाल

आज पढ़ाई कैसी रही?

यह एक ऐसा सवाल है जो बच्चों को बहुत ही बोरिंग सा लगता है और इसे सुनते ही बच्चे बोर भी होने लग जाते हैं. दिनभर पढ़ाई करने के बाद जब बच्चे घर लौटते हैं और आप उनसे एक बार फिर से पढ़ाई की ही बात करने लगते हैं, तो इससे उन्हें एक मेंटल प्रेशर जैसा महसूस होने लगता है. पैरेंट्स के इस सवाल का जवाब ज्यादातर बच्चे सिर्फ "अच्छी रही" या "ठीक थी" कहकर ही खत्म कर देते हैं, जिससे बच्चे के साथ आपकी बातें आगे नहीं बढ़ पाती हैं.

क्या आज मैम ने तुम्हें डांटा?

अगर आप अपने बच्चे से हर दिन स्कूल से वापस आने के बाद यह सवाल करते हैं, तो आपको ऐसा करना हमेशा के लिए बंद कर देना चाहिए. इस सवाल में एक अनजाना शक या फिर निगेटिव थिंकिंग छिपी होती है. जब बच्चे के घर आते ही आप उससे यह सवाल करते हैं, तो उसे लगता है कि आपको उसपर भरोसा बिल्कुल भी नहीं है. उसे ऐसा महसूस होता है कि आप सिर्फ उसकी गलतियां ही ढूंढ रहे हैं. हर दिन इस सवाल को सुनकर आपका बच्चा आपसे अपनी बातों को छुपाना शुरू कर सकता है.

आज टिफिन पूरा क्यों नहीं खाया?

अक्सर ऐसा होता है कि जैसे ही बच्चा कंधे से अपना बैग उतारकर नीचे रखता है और आप उसका टिफिन खाली न देखकर शिकायत करना शुरू कर देते हैं, तो आपकी इस आदत की वजह से बच्चे का मूड पूरी तरह से खराब हो जाता है. अगर उसने टिफिन खत्म नहीं किया है, तो हो सकता है कि लंच ब्रेक के दौरान उसके पेट में कोई तकलीफ हो या फिर उसे खाने का मन ही न हो. स्कूल से वापस आते ही खाने को लेकर डांट-फटकार या फिर सवाल-जवाब सुनकर बच्चा खाने-पीने से जुड़ी बातों से दूर भागने लग जाता है.

आज टेस्ट में कितने नंबर आए?

स्कूल से वापस लौटते ही अगर आप अपने बच्चे से सीधे उसके नंबर्स और रिजल्ट के बारे में पूछना शुरू कर देंगे, तो उसके दिमाग में टेंशन बढ़ने लग जाएगी. उसे ऐसा महसूस होने लगेगा कि आपके लिए उसके इमोशंस या फिर उसकी मेहनत उतनी जरूरी नहीं है, जितना कि उसका स्कोर कार्ड है. हर दिन आपके इस सवाल को सुनते-सुनते, कुछ ही दिनों बाद आपका बच्चा आपके सामने खुलकर अपनी बातों को रखने से डरने लग जाता है.

तुम दिनभर क्या करते रहते हो, कुछ सीखते भी हो?

यह एक ऐसा सवाल है जो सीधे बच्चे के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचा सकता है. आपके इस सवाल को सुनते ही बच्चे को ऐसा लगने लगता है कि उसकी कोशिशों की आपकी नजरों में कोई वैल्यू ही नहीं है. इस सवाल को सुनते ही बच्चा खुद को कमतर समझने लग जाता है और वह धीरे-धीरे आपसे बातें करना भी कम कर देता है.

ये भी पढ़ें: बच्चा अपना कोई भी काम खुद नहीं करता? उसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए पैरेंट्स आज से ही करें ये काम

बच्चे से बातचीत का तरीका बदलकर देखें

जब भी आपका बच्चा स्कूल से लौटकर घर आए, तो उससे एक के बाद एक सवाल पूछने से बेहतर होगा कि आप उसे थोड़ा समय दें और रिलैक्स करने का मौका भी दें. स्कूल से आते ही सबसे पहले अपने बच्चे को गले लगाएं, उसे पीने के लिए पानी दें या फिर उसकी पसंद का हल्का-फुल्का नाश्ता दें. जब आपका बच्चा अच्छी तरह से आराम कर ले और थोड़ा सा अच्छा महसूस करने लगे, तब जाकर उससे बातचीत की शुरुआत करें. उससे सीधे सवाल पूछने के बजाय आप अपनी बातों से कन्वर्सेशन की शुरुआत कर सकते हैं. जैसे: "आज मेरा दिन बहुत ही अच्छा रहा, तुम अपना बताओ, तुम्हारा दिन कैसा बीता?" जब आप खुद अपनी बातें बच्चे के साथ शेयर करते हैं, तब आपका बच्चा भी बिना किसी डर के आपसे खुलकर अपनी बातें शेयर करने लग जाता है.

बच्चे की बात ध्यान से सुनने की आदत डालें

जब भी आपका बच्चा अपनी कोई बात आपके साथ शेयर करे, तो गलती से भी उसे बीच में टोकें नहीं और न ही तुरंत कोई नसीहत देना शुरू कर दें. उसकी बातों को ध्यान से सुनें और उसकी फीलिंग्स को अच्छे से समझने की कोशिश करें. अगर आपके बच्चे ने स्कूल में कोई गलती कर भी दी है, तो उस समय उस पर गुस्सा करने के बजाय उसकी बातों को शांति से सुनें और बाद में उसे अपनी बातें प्यार से समझाएं. जब आपके बच्चे को यह अहसास होता है कि उसका घर एक ऐसी जगह है जहां उसे बिना किसी डर के सुना जाएगा, तो वह आपसे हर छोटी-बड़ी बात खुद ही शेयर करने लग जाएगा. बच्चे से बातचीत करने के तरीके में यह छोटा सा बदलाव आपके और आपके बच्चे के रिश्ते को और भी ज्यादा मजबूत और खूबसूरत बनाने में मदद कर सकता है.

ये भी पढ़ें: क्या आपका बच्चा भी छोटी-छोटी बातों से डर जाता है? पैरेंट्स करें ये 5 काम, अंदर से मजबूत बनेगा बच्चा

The post स्कूल से आते ही बच्चे से ये 5 सवाल पूछना पड़ सकता है भारी, कहीं आप भी तो नहीं करते ये गलती? ऐसे करें बातचीत की शुरुआत appeared first on Prabhat Khabar.

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment