रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी 2022 से जारी युद्ध को खत्म करने में मदद की पेशकश भारत की तरफ से की गई है. इससे जुड़ा एक बयान भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने यूक्रेन दौरे के दौरान दिया है.
उन्होंने कहा है कि भारत, रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म करने में मदद के लिए तैयार है. विदेश मंत्री का बयान गुरुवार को कीव में अपनी यात्रा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए आया है कि अगर जरूरत पड़ी तो भारत मध्यस्थता करने के लिए तैयार है.
यूक्रेन के विदेश मंत्री के सामने दिया बयान
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा के साथ मौजूद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अगर भारत किसी भी तरह से मदद कर सकता है, तो हम तैयार हैं. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों मंत्रियों के बीच ब्लैक सी यानी काला सागर में कमर्शियल शिपिंग पर हो रहे हमले के बारे में भी बातचीत हुई. कीव में विदेश मंत्री ने यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा से मुलाकात के बाद प्रेस को संबोधित किया.
Speaking to the press after meeting with FM Andrii Sybiha in Kyiv #Ukraine
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) September 3, 2026
यूक्रेन के दौरे पर हैं विदेश मंत्री
विदेश मंत्री जयशंकर अभी यूक्रेन के दौरे पर हैं. इस दौरान विदेश मंत्रालय ने बताया कि वह अपने यूक्रेनी समकक्ष आंद्री सिबिहा और पोलैंड के उप प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे.
विदेश मंत्रालय की तरफ से आधिकारिक बयान में कहा है कि इस यात्रा का मकसद द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाना और क्षेत्रीय घटनाक्रम और आपसी हित के मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान करने का मौका देना है. यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब ब्लैक सी में रूस और यूक्रेन के बीच हालिया तनाव के दौरान भारतीय नाविक मारे गए और घायल हुए थे.
यूक्रेन के विदेश मंत्री ने PM मोदी की अपील का किया स्वागत
यूक्रेन के विदेश मंत्री सिबिहा ने भारत के विदेश मंत्री की यात्रा को लेकर कहा कि यूक्रेन की यात्रा पर आने वाले पहले भारतीय विदेश मंत्री के तौर पर अपने भारतीय सहयोगी का कीव में स्वागत करना मेरे लिए सम्मान की बात है. यह ऐतिहासिक पल ऐसे समय में आया है, जब हमारे शहरों, बंदरगाह के बुनियादी ढांचे और नागरिक जहाजों पर रूस के हमले बढ़ रहे हैं. हमारी राजधानी लगातार हमलों का सामना कर रही है. मैं अपने सहयोगी की इस सहासी यात्रा की सराहना करता हूं.
Honored to welcome my Indian colleague @DrSJaishankar to Kyiv for the first-ever dedicated bilateral visit of an Indian External Affairs Minister to Ukraine.
This historic moment takes place amid escalating Russian attacks against our cities, port infrastructure, and civil… pic.twitter.com/5YaJ9RWxg6
— Andrii Sybiha 🇺🇦 (@andrii_sybiha) September 3, 2026
बातचीत के दौरान हमने ब्लैक सी में नेविगेशन को फ्री करने और वैश्विक खाद्य सुरक्षा की जरूरत पर चर्चा की है. भारत एक वैश्विक शक्ति है. हम प्रधानमंत्री मोदी के उस अपील का स्वागत करते हैं, जिसमें उन्होंने अंतहीन युद्ध से हटकर युद्ध को खत्म करने की दिशा में बढ़ने की बात कही है. यूक्रेन कूटनीति के लिए तैयार है.
इसके अलाव यूक्रेन के विदेश मंत्री ने कहा कि हमने अपने द्विपक्षीय सहयोग पर भी चर्चा की है. बुनियादी ढांचे और फार्मास्युटिकल सेक्टर से लेकर तकनीकी इनोवेशन और डिजिटलीकरण तक हम अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं. हम अपनी अगली अंतर सरकारी आयोग की बैठक बुलाने पर सहमत हुए हैं, ताकि बेहतरीन संभावनाओं को आपसी फायदे वाले बड़े प्रोजेक्ट्स में बदला जा सके.
युद्ध में अबतक कितने लोगों की गई जान?
फरवरी 2022 से जारी यूक्रेन और रूस के बीच जंग में अबतक 20 लाख सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं. सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज की रिपोर्ट में बताया गया है कि रूसी सेना के कुल हताहत सैनिकों की संख्या ही 12 लाख तक पहुंच चुकी है. इनमें 5 लाख से ज्यादा सैनिक मारे जा चुके हैं. वहीं, यूक्रेन में यह आंकड़ा 5 से 6 लाख सैनिकों का है. इनमें से एक से डेढ़ लाख सैनिकों की मौत हो चुकी है. वहीं, यूएन की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध में अबतक 16 हजार से अधिक नागरिकों की जान जा चुकी है. साथ ही 46,500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.

