- बाढ़ से पुल, सड़कें तबाह; हजारों लोग हताहत-लापता।
नेपाल की त्रिशूली नदी में आई अचानक भयानक बाढ़ से मची तबाही और कई पुलों के बह जाने के बाद नेपाली सेना ने नुवाकोट में इंद्राणी चौक पर अस्थायी केबल क्रॉसिंग को तैयार किया है. इसका उद्देश्य नदी के दूसरी तरफ स्थित गांवों तक स्थानीय लोगों की आवाजाही को आसान बनाना है.
दरअसल, नदी के आर-पार जाने वाले सड़क और पुल के क्षतिग्रस्त होने की वजह से संपर्क से कट चुके समुदायों के लिए यह केबल क्रॉसिंग एक बेहद महत्वपूर्ण कनेक्टिंग लिंक बन गया है. सोशल मीडिया पर इसके सामने आए तस्वीरों और वीडियोज में नेपाल की सेना की मदद से स्थानीय लोगों को इस अस्थायी क्रॉसिंग के जरिए नदी पार करते हुए देखा जा सकता है.
नेपाल में चौबीसों घंटे जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाल में सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन टीमों ने गुरुवार (3 सितंबर, 2026) को नुवाकोट जिले के बेत्रावती और त्रिशूली नदी के आसपास 24 घंटों तक ऑपरेशन जारी रखा. यह अभियान हिमालय में ऊंचाई पर ग्लेशियर के टूटने से आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद चलाया जा रहा है.
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान गहरे कीचड़ और मलबे के बीच लोगों को सुरक्षति रूप से बचाने के लिए भारी मशीनों की मदद से लगातार काम चल रहा है, जिसका उद्देश्य बाढ़ की वजह से बाधित हुए रास्तों का साफ करना और संपर्क से कटे पहाड़ी इलाकों को फिर से जोड़ना है.
बाढ़ से नेपाल के बुनियादी ढ़ांचे को बहुत ज्यादा नुकसान
पिछले महीने के आखिरी हफ्ते में बुधवार (26 अगस्त, 2026) को विनाशकारी बाढ़ के आने का कारण चीन-नेपाल सीमा के पास बर्फ और चट्टानों का हुआ एक बड़ा हिमस्खलन बताया गया है. बाढ़ ने नेपाल के कई रिहायशी इलाकों को पूरी तरह से पानी में डूबो दिया, कई अहम पुल और सड़क मार्गों को तबाह कर दिया और नदी घाटी के आसपास स्थित बुनियादी ढांचों को बहा दिया.
रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार (2 सितंबर, 2026) को जो ताजा आंकड़े जारी किए गए हैं, उसके मुताबिक चीन-नेपाल सीमा पर आई बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,220 हो गई है. नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, देश में अब तक 1,204 शव बरामद किए जा चुके हैं. वहीं, त्रासदी में 301 लोग घायल हुए हैं, जबकि करीब 4,216 लोग अभी भी लापता हैं.
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