डॉक्टरों नें क्या कहा?
हादसे की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड और अन्य राहत एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। बस के ड्राइवर, कंडक्टर और वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने मिलकर बच्चों को बस से बाहर निकाला। दो बच्चे बस के अंदर बुरी तरह फंस गए थे, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायल बच्चों की उम्र 4 से 12 साल के बीच है। सभी घायलों को तुरंत पास के ‘जेन अस्पताल’ ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि 11 साल के विहान श्रीवास्तव को बहुत गंभीर चोटें आई थीं। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। अन्य चार घायल छात्रों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
मेयर ने दिए जांच के आदेश
मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने इस पूरी घटना की विस्तृत जांच करने को कहा है। उन्होंने घटनास्थल का दौरा किया और अधिकारियों से जानकारी ली। मेयर ने साफ शब्दों में कहा कि अगर इस मामले में किसी की भी लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अस्पताल जाकर मृतक छात्र के परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। विहान के शव को पोस्टमार्टम के लिए नगर निगम के ‘राजावाड़ी अस्पताल’ भेजा गया है।
घायल बच्चों का हाल
हादसे में घायल हुए चार बच्चों में से एक 10 साल की लड़की को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। एक चार साल की बच्ची और 12 साल के लड़के का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, एक 10 साल का लड़का आईसीयू में भर्ती है। डॉक्टरों का कहना है कि सभी चारों बच्चे अब सुरक्षित हैं। पुलिस ने इस मामले में एक्सीडेंटल डेथ (आकस्मिक मृत्यु) का मामला दर्ज किया है।
क्या है हादसे की वजह?
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हाल ही में सड़क पर सीमेंट कंक्रीटिंग और नाली का काम हुआ था। आशंका है कि इस काम की वजह से पीपल के पेड़ की जड़ें कमजोर हो गई थीं। अधिकारी ने पेड़ का निरीक्षण करने के बाद कहा कि शुरुआती तौर पर जड़ों का कटना ही पेड़ गिरने का मुख्य कारण लग रहा है। हालांकि, मानसून की तैयारियों के तहत इस पेड़ की छंटाई पहले ही की जा चुकी थी। बीएमसी इस मामले की गहराई से जांच करने के लिए जल्द ही एक विशेषज्ञ समिति बनाएगी। यह समिति पता लगाएगी कि क्या स्थानीय लोगों ने पहले इस पेड़ को लेकर कोई शिकायत की थी।





