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LPG Price Hike: क्यों बढ़ती जा रही हैं गैस सिलेंडर की कीमतें? क्या अब आगे और बढ़ेगा रेट?

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  • रविवार को घरेलू एलपीजी सिलेंडर 29 रुपये महंगा हुआ.
  • दिल्ली में अब 14.2 किलोग्राम सिलेंडर 942 रुपये का.
  • वाणिज्यिक और छोटे एलपीजी सिलेंडर भी महंगे हुए.
  • कंपनियों को भारी घाटे से निपटने के लिए वृद्धि.

LPG Price Hike: रविवार को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई. पूरे देश में इनकी कीमत 29 रुपये बढ़ गई. ग्लोबल एनर्जी मार्केट में लगातार आ रही दिक्कतों के बीच तेल कंपनियों ने इससे पहले 7 मार्च को LPG सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की बढ़ोतरी की थी.

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण पेट्रोल, डीजल, CNG और कमर्शियल LPG की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के हवाले से आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में अब बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम LPG सिलेंडर की कीमत 942 रुपये होगी. इससे पहले इस साल मार्च में इसकी कीमत 853 रुपये से बढ़ाकर 913 रुपये की गई थी.

कमर्शियल और छोटू सिलेंडर के भी बढ़े रेट

यह बढ़ोतरी पिछले कुछ महीनों में कमर्शियल LPG की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी के बाद हुई है. इस हफ्ते की शुरुआत में 19-किलो वाले सिलेंडर की कीमत 42 रुपये से 53.50 रुपये (शहर के हिसाब से) बढ़ाई गई थी — जो फरवरी के बाद से पांचवीं बढ़ोतरी है. 5 किलो वाले फ्री-ट्रेड LPG सिलेंडर की कीमत भी 11 रुपये बढ़ाकर 821.50 रुपये प्रति सिलेंडर कर दी गई है. ऐसे में अब सवाल आता है कि गैस सिलेंडर की कीमतों में देश में लगातार बढ़ोतरी क्यों की जा रही है? आइए जानते हैं.

तेल कंपनियों को 703 करोड़ का घाटा

इंडस्ट्री के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि इस बढ़ोतरी से घरेलू LPG की बिक्री पर हुए नुकसान की भरपाई सिर्फ कुछ हद तक ही हो पाई है. अनुमान है कि हालिया बदलाव से पहले, सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों को हर LPG सिलेंडर की बिक्री पर लगभग 703 रुपये का नुकसान हो रहा था. तेल मंत्रालय के अधिकारियों ने हाल ही में यह भी कहा कि सरकार ने LPG की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं — जिनमें घरेलू उत्पादन बढ़ाना और आयात सुनिश्चित करना शामिल है.

पेट्रोलियम सेक्टर के एक्सपर्ट्स और इंड्रस्टी के जानकारों का कहना है कि सरकार एक सीमा से अधिक समय तक अंतर्राष्ट्रीय कीमतों का बोझ रोककर नहीं रख सकती है. ऐसा करने पर देश में ईंधन आयात करने वाली कंपनियों की वित्तीय स्थिति पूरी तरह से चरमरा सकती है. इससे देश की एनर्जी सिक्योरिटी खतरे में पड़ सकती है. 

क्या आगे और बढ़ेगी कीमत?

जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में कीमतों में और बढ़ोतरी की पूरी संभावना बनी हुई है. हालांकि, अभी पुख्ता रूप से कुछ कहा नहीं जा सकता है. कीमतों में आगे बढ़ोतरी होने का अनुमान इस आधार पर लगाया जा रहा है कि अभी कीमतों में सिर्फ 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जबकि कंपनियों का नुकसान अभी भी बहुत बड़ा है. इसकी भरपाई करने के लिए टुकड़ों-टुकड़ों में (10-30 रुपये ऐसा करके) दाम और बढ़ाए जा सकते हैं. यह महज एक अनुमान है. इस पर अभी तक कोई ठोस सरकारी बयान नहीं आया है.  

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