- बकाया डीए भुगतान की तारीख तय नहीं।
West Bengal Government Employees: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देने वाला बड़ा इशारा दिया है. सरकार ने साफ किया है कि बकाया DA का पैसा दिया जाएगा और साथ ही 7वें वेतन आयोग को भी इस साल के अंदर काम पूरा करने का काम किया जा रहा है. इससे लाखों कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की उम्मीद ज्यादा हो गई है.
मुख्यमंत्री ने 21 जुलाई को रखे गए प्रोग्राम में कहा कि सरकार कर्मचारियों से जुड़े फाइनेंशियल मामलों पर लगातार काम कर रही है. उन्होंने बताया कि 7वें वेतन आयोग के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस तैयार किए जा चुके हैं और आखिरी मंजूरी मिलने के बाद आयोग का ऑफिसियल सेटअप किया जाएगा. इसके बाद आयोग वेतन और भत्तों को दोबारा देख कर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा.
DA में धीरे-धीरे इजाफा किया जाएगा
सरकार ने यह भी दोहराया कि राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच महंगाई भत्ते का अंतर एक साथ खत्म नहीं किया जा सकता है. राज्य की फाइनेंशियल हालात को देखते हुए DA में धीरे-धीरे इजाफा किया जाएगा. हाल ही में सरकार ने DA में 20% का इजाफा किया था, जिससे दोनों के बीच मे पहले से बहुत फर्क कम हुआ है.
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बकाया DA को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को यकीन दिलाया कि सरकार रुके हुए पैसे देगी. लेकिन अभी तक बकाया पैसा कब मिलेगा, इसकी कोई पक्की तारीख या टाइम नहीं बताया गया है. ऐसे में कर्मचारियों को सरकार के अगले ऐलान का इंतजार रहेगा.
7वां राज्य वेतन आयोग लागू होने के बाद केवल बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि महंगाई भत्ता पेंशन और अदर सर्विस भत्तों को भी दोबारा देखा जाएगा . आयोग की सिफारिशों पर सरकार की मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारियों के वेतन सिस्टम में बदलाव किया जाएगा.
खास बात यह है कि पश्चिम बंगाल के कई सरकारी कर्मचारी अभी भी पुराने राज्य वेतन सिस्टम के तरह वेतन ले रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को पहले से ही 7वें केंद्रीय वेतन आयोग का फायदा मिल रहा है. इसी वजह से दोनों के वेतन और भत्तों में अंतर बना हुआ है.
सरकार की अंतिम मंजूरी पर टिकी है कर्मचारियों की नजर
राज्य कैबिनेट पहले ही 7वें राज्य वेतन आयोग के सेटअप को मंजूरी दे चुकी है. इस आयोग में राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ नगर निगम, पंचायत, बोर्ड और सरकारी स्कूलों-कॉलेजों के स्टाफ भी आ सकते हैं.
अब कर्मचारियों की नजर आयोग के ऑफिशियल शुरुआत, उसकी सिफारिशों और सरकार की अंतिम मंजूरी पर टिकी है. ये सारा काम पूरा होने के बाद ही नई सैलरी और बकाया पैसा देने का फाइनल ऑर्डर जारी होगा.
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