दिल्ली की हवा इस साल पहले के मुकाबले और साफ हुई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अनुसार, जनवरी से मई 2026 के बीच राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 211 दर्ज किया गया।
कोविड-19 लॉकडाउन वाले वर्ष 2020 को छोड़ दें तो यह पिछले आठ वर्षों में इसी अवधि का सबसे बेहतर स्तर है। तुलना करें तो 2025 में औसत एक्यूआई 214, 2024 में 231, 2022 में 238 और 2018 में 243 दर्ज किया गया था।इस साल मई में भी हवा की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला। इस महीने का औसत एक्यूआई 157 रहा, जबकि मई 2025 में यह 170 और मई 2024 में 223 था। इस साल जनवरी से मई के बीच अच्छी और मध्यम श्रेणी वाले 75 दिन दर्ज किए गए, जबकि 2025 में ऐसे 70 दिन और 2022 में केवल 37 दिन थे।
5 मई को दिल्ली का सबसे साफ दिन दर्ज हुआ, जब एक्यूआई 86 तक पहुंच गया। वहीं 20 मार्च और 8 अप्रैल को एक्यूआई 93 रहा। दूसरी ओर 18 जनवरी को साल का सबसे प्रदूषित दिन रहा, जब एक्यूआई 440 दर्ज किया गया।
लू भी चली, बारिश भी हुई :
मई के दौरान 18 से 21 तारीख के बीच भीषण लू चली और कई इलाकों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। इसके बावजूद महीने में 17.61 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर हुई बारिश, हवाओं की दिशा में बदलाव और मौसम के पैटर्न ने प्रदूषण कम करने में मदद की।
क्या बताता है एक्यूआई
एक्यूआई 0 से 50 के बीच हो तो हवा साफ मानी जाती है। 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बेहद खराब और 401 से 500 के बीच की स्थिति गंभीर मानी जाती है। गंभीर श्रेणी की हवा लंबे समय तक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है।


