'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- निर्गत, जिसका अर्थ है- निकला या आया हुआ। प्रस्तुत है केदारनाथ अग्रवाल की कविता- वही केन है
जो विद्युत की द्युति कटाक्ष है
जो नग नागों की कृपाण है
वही केन है
इस प्रदेश के
जीर्ण जनों की जीवित धारा
बहती है जैसे मद बहता
गंडस्थल से गज के;
ध्वनि का धैवत
जैसे बहता धृति से निर्गत;
हार हारती, वह न हारती।
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7 घंटे पहले

