जमीन बेचने के नाम पर पहाड़ के लोगों और फौजियों से धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने कांग्रेस पार्षद अमित भंडारी उर्फ दीपू को गिरफ्तार किया है। इस मामले में जालसाज प्रदीप सकलानी और उसका साथी अजय सजवाण शुक्रवार को गिरफ्तार हो चुके हैं। इनके खिलाफ पिछले साल अक्तूबर में 30 लाख रुपये ठगने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। सकलानी के खिलाफ पहले से 27 प्राथमिकियां दर्ज हैं। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रदीप सकलानी ने पूछताछ में पार्षद अमित भंडारी, पत्रकार हेम भट्ट व अमजद खान, शौकत अली का नाम लिया था।
इन सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अमित भंडारी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पत्रकार हेम भट्ट को हिरासत में लेने पर सोशल मीडिया में कई तरह की बातें भी हुईं। बता दें कि पिछले साल 15 अक्तूबर को सहस्रधारा रोड निवासी विक्रम सिंह ने रायपुर पुलिस को शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि वह एक जमीन खरीदना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने टिहरी गढ़वाल के सत्यों सकलाना निवासी प्रदीप सकलानी और राजेंद्र नगर निवासी अभय कुमार से संपर्क किया था। इनके साथ मालदेवता निवासी अजय सजवाण भी था। इन्होंने मालदेवता क्षेत्र में एक जमीन को अपना बताते हुए सौदा किया जिसकी एवज में उनसे 30 लाख रुपये लिए।
जांच की गई तो पता चला कि इस जमीन के साथ इन तीनों का ही कोई ताल्लुक नहीं है। इस पर जब उन्होंने अपनी धनराशि वापस मांगी तो उन्हें चेक दिए गए। ये चेक भी बाउंस हो गए। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की तो आरोपी पकड़ में नहीं आ रहे थे। इस पर प्रदीप सकलानी का आपराधिक इतिहास पता किया गया तो 27 प्राथमिकियां पहले से ही उस पर दर्ज थीं। आरोपी पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया।
इसके लिए एक विशेष टीम गठित की गई और शुक्रवार को प्रदीप सकलानी और अजय सजवाण को गिरफ्तार कर लिया गया था। पहाड़ के भोले-भाले लोगों विशेषकर फौजियों या अन्य राज्यों में रहने वाले उत्तराखंड मूल के व्यक्तियों को स्वंय के भी पहाड़ी मूल का होने और उन्हें देहरादून में सस्ते दामों में जमीन दिलवाने का प्रलोभन देता है। उन्हें किसी अन्य की भूमि को दिखाते हुए उसे अपनी या अपने किसी परिचित की बताकर बेचने की एवज में उनसे मोटी धनराशी लेकर धोखाधड़ी करता था। आरोपी के खिलाफ नेहरू कॉलोनी में तीन प्राथमिकियां दर्ज हैं जो कि तीन करोड़ रुपये की ठगी से संबंधित हैं।


