जहां एक तरफ पाकिस्तानी सरकार अपने इलाके में आतंकवादियों को मदद देने से इनकार करती रही है, वहीं हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन और अल-बद्र के चीफ बख्त जमीन खान जैसे कई वॉन्टेड आतंकवादी कमांडर, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आतंकवादी हमजा बुरहान के जनाजे में शामिल नजर आए हैं.
सोशल मीडिया और पाकिस्तान के लोकल मीडिया पर कई वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं, जिनसे इस बात की पुष्टि होती है कि जनाजे के दौरान टॉप आतंकवादी कमांडरों के अलावा सीनियर आतंकवादी ऑपरेटिव और पाकिस्तान की ISI से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे.
बुरहान के जनाजे में कई हथियारबंद लोग शामिल

हमजा बुरहान, जिसे अर्जुमंद गुलजार डार के नाम से भी जाना जाता था और जिसका कोडनेम ‘डॉक्टर’ था, को इस्लामाबाद में दफनाया गया. उसे पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में एक अज्ञात बंदूकधारी ने गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई और एक दिन बाद उसे दफनाया गया.
JeM terrorist member hamza Burhan ( Pulwama mastermind) killed by Unknown Man ,, conducted funeral – this Funeral attended by lots terrorist memerbs,,,,,
Where is that Masood Azhar 🤔 https://t.co/Fdq2ujX36h pic.twitter.com/AkVlZHZKnU
— Wingsblue🇮🇳 (@War_crazy44) May 23, 2026
जनाजे के वीडियो में कथित तौर पर भारी हथियारों से लैस लोग दिखाई दिए, जो AK-47 राइफलें और दूसरे आधुनिक हथियार लिए हुए थे और समारोह स्थल के चारों ओर तैनात थे. इससे दफनाने के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का पता चलता है. उस इलाके से सोशल मीडिया पर आए वीडियो से यह भी पता चलता है कि बैन किए गए आतंकवादी संगठनों से जुड़े कई हथियारबंद लोग भी इसमें शामिल थे.
भारत ने 2022 में बुरहान को घोषित किया था आतंकवादी
बुरहान को भारत के गृह मंत्रालय ने साल 2022 में आतंकवादी घोषित किया था, क्योंकि वह जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़ी कई गतिविधियों में शामिल था. अधिकारियों के मुताबिक, बुरहान 2017 में एक वैध भारतीय पासपोर्ट पर पाकिस्तान चला गया था और शुरू में उसने पाकिस्तान के एक मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने की कोशिश की थी. जल्द ही उसने एक आतंकवादी कमांडर के तौर पर सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी और पाकिस्तान से अल-बद्र के ऑपरेशन के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने, उनकी भर्ती करने और उन्हें पैसे मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाई.
मुजफ्फराबाद में छिपकर रह रहा था आतंकी बुरहान
हाल के सालों में, बुरहान PoK में एक टीचर के तौर पर काम करते हुए छिपकर रह रहा था. पुलिस सूत्रों ने बताया कि वह मुजफ्फराबाद में एक प्राइवेट कॉलेज के प्रिंसिपल के तौर पर काम कर रहा था. मुजफ्फराबाद इस्लामाबाद से करीब 135 किलोमीटर दूर है. लोकल पुलिस के मुताबिक, बुरहान पर गुरुवार (21 मई, 2026) की सुबह हमला हुआ, जब वह कॉलेज के कैंपस से बाहर निकला. अज्ञात बंदूकधारियों ने बहुत करीब से उस पर गोलियां चलाईं, जिससे उसके सिर में कई गोलियां लगीं और उसकी मौत हो गई.
यह भी पढे़ंः एक के बाद एक पाकिस्तान में मौत के घाट उतारे जा रहे खूंखार आंतकी, खौफ में शहबाज-शरीफ; देखें लिस्ट
