ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका, ईरान और कई पश्चिम एशियाई देशों के बीच शांति समझौते को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। ट्रंप ने कहा कि व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में उनकी कई देशों के नेताओं के साथ अहम बातचीत हुई। इस बातचीत में ईरान से जुड़े मुद्दों और शांति समझौते पर चर्चा की गई। ट्रंप के मुताबिक समझौते के ज्यादातर हिस्सों पर सहमति बन चुकी है और अंतिम चरण की बातचीत जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर भी सहमति बन रही है।
किन देशों के नेताओं से ट्रंप ने बात की?
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अहमद शाह और तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन समेत कई नेताओं से बातचीत की। इसके अलावा मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय और बहरीन के शाह हमद बिन ईसा अल खलीफा भी इस चर्चा में शामिल रहे। ट्रंप ने कहा कि सभी नेताओं के साथ बातचीत सकारात्मक रही और क्षेत्र में शांति बहाल करने को लेकर सहमति बनी है।
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ईरान और इस्राइल को लेकर क्या कहा गया?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को अंतिम रूप देने पर काम चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अलग से फोन पर बात की। ट्रंप के अनुसार नेतन्याहू के साथ बातचीत भी काफी अच्छी रही। उन्होंने कहा कि समझौते के अंतिम बिंदुओं और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा चल रही है और जल्द इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। ट्रंप ने इस पूरे समझौते को पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम बताया।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्यों अहम है यह समझौता?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई होती है। ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित समझौते के तहत इस मार्ग को खोलने पर सहमति बन रही है। लंबे समय से क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं के कारण इस मार्ग को लेकर दुनिया भर की नजर बनी रहती है। ट्रंप का कहना है कि अगर समझौता अंतिम रूप लेता है तो इससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को राहत मिल सकती है।

