अगर किसी सरकारी कंपनी के बोर्ड में स्वतंत्र डायरेक्टर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभालने वाले व्यक्ति के परिवार का उसी कंपनी के साथ कारोबार हो, तो स्वतंत्रता से जुड़े नियमों पर सवाल उठ सकते हैं. ऐसा ही एक मामला सरकारी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) से सामने आया है, जहां कंपनी की डायरेक्टर अल्का मुंद्रा ने अपनी पद संभालने के करीब एक महीने बाद इस्तीफा दे दिया है.
अल्का मुंद्रा के बेटे माधव मुंद्रा राजस्थान के उदयपुर में इंडियन ऑयल का एक पेट्रोल पंप चलाते हैं. अल्का मुंद्रा ने अपने इस्तीफे में बताया कि बेटे की इस डीलरशिप की वजह SEBI के लिस्टिंग नियमों के तहत उनके डायरेक्टर पद को लेकर सवाल उठ सकते हैं. हालांकि, उन्होंने यह साफ तौर पर बताया है कि उनके बेटे का कारोबार अलग से चलता है और इसमें उनका कोई दखल नहीं है.
क्या है पूरा मामला?
अल्का मुंद्रा को 15 अगस्त 2026 को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) में डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया था. इसके करीब एक महीने बाद उन्होंने 18 सितंबर 2026 को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव को अपना इस्तीफा भेजा.
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उनके बेटे माधव मुंद्रा साल 2020 से उदयपुर में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के रिटेल आउटलेट स्वर्ण गंगा KSK का संचालन कर रहे हैं. इस कारोबारी संबंध को देखते हुए अल्का मुंद्रा अपने पद पर बने रहने के बजाय इस्तीफा देना बेहतर समझा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि इस्तीफा देने के पीछे कोई दूसरा ठोस कारण नहीं है.
कौन हैं अल्का मुंद्रा?
अल्का मुंद्रा की पढ़ाई राजनीति विज्ञान, कानून और लोक नीति से जुड़ी है. उन्होंने उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में PHD की है. वह महिला सशक्तिकरण और सामाजिक विकास से जुड़ी कई पहलों में भी काम कर चुकी हैं.
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