
- चीन अपने वैध हितों की रक्षा करेगा, बातचीत का आह्वान किया।
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के लगातार बढ़ते तनाव के बीच चीन ने बड़ी चेतावनी दी है. चीन ने कहा कि बीजिंग पूरे घटनाक्रम पर करीब से अपनी नजर बनाए रखेगा और अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए जो भी जरूरी कदम उठाना होगा, वो बेझिझक उठाएगा. चीनी विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से धैर्य और तर्कसंगत तरीके से काम करने का अनुरोध किया है. साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि प्रतिबंध या दबाव बनाने की रणनीति मुश्किलों का समाधान करने में किसी भी तरह से मददगार साबित नहीं होती है.
दरअसल, चीन ने अमेरिका की तरफ से ईरान और उसके व्यापारिक साझेदारों को निशाना बनाते हुए व्यापक आर्थिक प्रतिबंधों का पैकेज तैयार करने को लेकर यह चेतावनी दी है, जिसका असर चीन पर हो सकता है. बीजिंग की तरफ यह बयान अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की उस धमकी के बाद सामने आया है, जिसमें अमेरिका ने चीन समेत अन्य देशों को तेहरान के साथ व्यापारिक संबंध खत्म करने की धमकी दी थी.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बेसेंट ने पिछले हफ्ते कहा था कि अगर ऐसा नहीं किया गया, तो उन देशों को कड़े सेकेंडरी सैंकशन्स और वित्तीय दंड का सामना करना पड़ सकता है. स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि यूएस ईरान पर इतिहास का सबसे बड़ा प्रतिबंध लगाने जा रहा है और उन्होंने चीन से अमेरिका का साथ देने का अनुरोध भी किया था.
अमेरिका की धमकी पर चीन ने क्या कहा?
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने सोमवार (24 अगस्त, 2026) को राजधानी बीजिंग में दैनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने अधिकारों और हितों की रक्षा की कसम खाई है. उन्होंने कहा कि प्रतिबंध और दबाव की रणनीति सिर्फ और सिर्फ तनाव को बढ़ाने का काम करती है और तनाव के बढ़ने से किसी के भी हित पूरे नहीं होते हैं.
Sanctions and pressure will not help resolve the issue. #China calls on all relevant parties to take responsible steps and resolve the issue through political and diplomatic means: Chinese FM spokesperson Lin Jian said on Thursday in response to #US President’s announcement of… pic.twitter.com/6h7f2I9VzI
— Global Times (@globaltimesnews) August 20, 2026
उन्होंने कहा, ‘चीन सभी पक्षों से ऐसे कोई भी कदम उठाने से बचने का आह्वान करता है, जिससे तनाव और ज्यादा बढ़ सकता है या फिर ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ यानी वैश्विक आर्थिक विकास और फाइनेंसियल स्टेबिलिटी को नुकसान पहुंच सकता है.’
बातचीत के रास्ते पर लौटे सभी पक्ष- चीन
लिन ने पश्चिम एशिया युद्ध में शामिल पक्षों से जल्द से जल्द बातचीत के जरिए राजनीतिक समाधान के रास्ते पर लौटने का अनुरोध किया है. उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा, ‘चीन संबंधित घटनाक्रम पर करीब से नजर रखेगा और अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए जो भी जरूरी होगा, वो करेगा.’
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