लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

₹10000 की SIP और ₹63 लाख का फंड, इस कंज्यूमर फंड ने निवेशकों को कर दिया मालामाल

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

Mirae Asset Great Consumer Fund: भारत में तेजी से बढ़ती खपत (Consumption) इन्वेस्ट के लिए एक बड़ा मौका बनकर उभरा है. इसी थीम पर आधारित मिरै एसेट म्यूचुअल फंड ने पिछले कुछ सालों में इन्वेस्टर्स को शानदार रिटर्न देकर ध्यान खींचा है. मिरै एसेट म्यूचुअल फंड के लगभग 15 साल पहले लॉन्च किया गया यह फंड कंजम्प्शन सेक्टर की ताकत का फायदा उठाकर इन्वेस्टर्स को अच्छा मुनाफा दे चुका है. अब आखिर में सवाल यह उठता है कि इस फंड ने ऐसा क्या किया, जिससे इन्वेस्टर्स को इतना फायदा मिला? 

फंड का साइज और प्रदर्शन

इस फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) लगभग 4500 करोड़ रुपये है. साथ ही पिछले कुछ सालों में इसने शानदार प्रदर्शन किया है. 

  • पिछले 5 साल में करीब 25 प्रतिशत CAGR रिटर्न.
  • शुरुआत 2011 से अब तक SIP पर करीब 15.4 प्रतिशत CAGR रिटर्न.

अगर किसी इन्वेस्टर ने शुरुआत से ही हर महीने 10 हजार रुपये SIP किया होता तो आज उसकी असल रकम बढ़कर लगभग 62.9 लाख रुपये हो जाती.

एकमुश्त इन्वेस्ट पर भी फायदा

बता दें कि सिर्फ SIP ही नहीं, बल्कि एकमुश्त एन्वेस्ट करने वालों को भी इस फंड ने अच्छा खासा रिटर्न दिया है. अगर किसी इन्वेस्टर ने शुरुआत में 10 हजार रुपये लगाए होते तो आज वह रकम लगभग 88 हजार रुपये से ज्यादा हो जाती. इस हिसाब से फंड का CARG लगभग 15.76 प्रतिशत रहा है.

कहां करता है इन्वेस्ट?

यह फंड कंजम्प्शन से जुड़े सेक्टर्स में इन्वेस्ट करता है, जैसे…

  • कंज्यूमर ड्यूरेबल्स
  • ऑटोमोबाइल
  • रिटेल
  • टेलीकॉम
  • FMCG

इसके पोर्टफोलियो में Mahindra & Mahindra, Maruti Suzuki, Titan Company और Bharti Airtel जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं.

एक्सपर्ट की सलाह क्या है?

फंड मैनेजर सिद्धार्थ छबड़िया के मुताबिक, इस तरह के थीमैटिक फंड में इन्वेस्ट करते समय कम से कम 5 साल का नजरिया रखना बेहद जरूरी होता है. उनका यह मानना है कि कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी सेक्टर जैसे ज्वेलरी, फैशन, रिटेल तेजी से बढ़ सकता है और यह GDP से 1.5 से 2 गुना ज्यागा ग्रोथ दे सकता है.

क्विक कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सकारात्मक नजरिया

हालांकि, FMCG सेक्टर को लेकर उनका रुख थोड़ा सतर्क है, क्योंकि यहां मार्जिन अपने उच्च स्पर पर है और प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है. FMCG में वे पर्सनल केयर के बजाय फूड कैटेगरी को ज्यादा बेहतर मानते हैं और वहीं देखा जाए तो क्विक कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को लेकर उनका नजरिया पॉजिटिव है, क्योंकि अब इन सेक्टर्स में धीरे-धीरे मुनाफे की स्थिति मजबूत होती जा रही है.

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Ethanol: पेट्रोल में 20% से ज्यादा एथेनॉल मिलेगा या नहीं? सरकार ने संसद में बताया, कहा- अब सबसे चर्चा…

India-China Border Trade: 6 साल बाद भारत-चीन ट्रेड को मिली हरी झंडी, 1 अगस्त से सस्ते मिलेंगे तिब्बती ऊन और पश्मीना

Petrol Diesel Price: पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर संसद में गूंजे सवाल, सरकार ने समझाया फ्यूल पर टैक्स का गणित

Plastic Note: भारत में आने वाले प्लास्टिक नोटों में होंगे हाईटेक सिक्योरिटी फीचर्स! जानिए और किन देशों में चल रही है ये करेंसी

50 Rupee: 100- 200 ही नहीं 50 रुपये के नकली नोट से भी हो सकती है धोखाधड़ी, इस तरह पहचानें असली नोट

Petrol- Diesel Price Today: आज टैंक फुल कराने से पहले चेक कर लें नए रेट, जानें आपके शहर में कितना है पेट्रोल-डीजल का भाव

Leave a Comment