- सऊदी का निर्यात योग्य तेल स्टॉक 5-7 दिन में खत्म होगा.
- ड्रोन हमलों से ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद, वैश्विक आपूर्ति बाधित हुई.
- पाइपलाइन मरम्मत में कई हफ्ते लगेंगे, जिससे वैश्विक तेल किल्लत बढ़ेगी.
सऊदी अरब के पास एक्सपोर्ट करने लायक तेल का स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है. जानकारों का कहना है कि सऊदी के यानबू पोर्ट और मिस्र के टर्मिनलों पर पहले से स्टोर किया हुआ जो बैकअप तेल है, उससे फिलहाल सप्लाई बनी हुई है.
लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह स्टॉक केवल 5 से 7 दिनों में खत्म हो जाएगा. अगर ऐसा हुआ, तो ग्लोबल सप्लाई में 4% तक की कमी आ सकती है. यानी कि दुनिया भर में रोजाना होने वाले कच्चे तेल के कुल कारोबार में से 40 से 50 लाख बैरल तेल का बाजार से अचानक गायब हो जाना.
सप्लाई पर क्यों आई आफत?
यूएस-ईरान में जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) वाला रास्ता पहले से ही ब्लॉक था. ऐसे में सऊदी तेल के सप्लाई के लिए ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल कर रहा था, जिसे बीते शुक्रवार को हुए ड्रोन हमलों के बाद एहतियातन बंद कराना पड़ा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर जल्द से जल्द इस पाइपलाइन को दोबारा शुरू नहीं किया गया, तो वैश्विक तेल बाजार में तेल की भारी किल्लत हो जाएगी.
सूत्रों के लगाए गए अनुमानों के हवाले से न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि सऊदी अरब की पाइपलाइन को पहुंचे नुकसान को ठीक करने में पांच से छह हफ्ते का समय लग सकते है. कुछ का कहना है कि इसे जल्दी भी ठीक किया जा सकता है और मरम्मत के दौरान ही आंशिक रूप से पंपिंग फिर से शुरू की जा सकती है.
सऊदी की जान ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन
बता दें कि 1,200 किलोमीटर लंबी और 5-मिलियन बैरल प्रति दिन की क्षमता वाली ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन सऊदी अरब की लाइफलाइन रही है. इसने ग्लोबल एक्सपोर्ट को अमेरिका-ईरान में जंग की वजह से होर्मुज के बंद होने के असर से बचाए रखा. रोज रेगिस्तान से होकर गुजरने वाली इसी पाइपलाइन का इस्तेमाल करके सऊदी ने लगभग 40 लाख बैरल (bpd) तेल- जो ग्लोबल सप्लाई का लगभग 4% है- को लाल सागर पर स्थित यानबू बंदरगाह तक पहुंचाया है, लेकिन सऊदी एक्सपोर्ट की जानकारी रखने वाले इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, पाइपलाइन के बंद होने की वजह से यानबू में अब 5-7 दिनों का ही एक्सपोर्ट लायक स्टॉक बचा है.
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