Navratri Fasting Tips: नवरात्रि की शुरुआत कुछ ही दिनों में होने वाली है और ऐसे में जो लोग भी व्रत रखते हैं, उनके लिए अपने खाने-पीने का ख्याल रख पाना बिल्कुल भी आसान नहीं होता है. खासकर उन लोगों के लिए, जिन्हें सुबह उठते ही एक कप चाय या फिर कॉफी पीने की आदत होती है. व्रत की शुरुआत होते ही दिमाग में सबसे पहले यह सवाल जरूर आता है कि क्या इस दौरान हम चाय या कॉफी पी सकते हैं या नहीं? अगर पी सकते हैं, तो दूध और चीनी वाली चाय ज्यादा सही है या फिर बिना चीनी की चाय और ब्लैक कॉफी पीना ज्यादा बेहतर है? वहीं, कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो मानते हैं कि व्रत में चाय या फिर कॉफी पीने से व्रत टूट जाता है.

अगर आपके दिमाग में भी इस तरह की बातें व्रत के दौरान आती रहती हैं, तो इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको पूरी तरह से क्लैरिटी मिल जाने वाली है. आज इस आर्टिकल में हम आपको बताने वाले हैं कि व्रत के दौरान चाय-कॉफी को लेकर कौन-सी बातें सही हैं और सेहत के नजरिये से एक्सपर्ट्स का इस पर क्या कहना है. तो चलिए जानते हैं विस्तार से.

क्या नवरात्रि के व्रत में चाय-कॉफी पीना सही है?
नवरात्रि के व्रत में चाय और कॉफी पीने को लेकर हर जगह एक जैसा नियम लागू नहीं होता है. अलग-अलग परिवारों और ट्रेडिशंस में व्रत के नियम बिल्कुल अलग हो सकते हैं. कुछ लोग व्रत के दौरान चाय या कॉफी पी लेते हैं, जबकि कुछ लोग नहीं पीते हैं. इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि चाय या कॉफी हर तरह के नवरात्रि व्रत में सही है या गलत. अगर आपके घर में व्रत के दौरान चाय या कॉफी लेने की परंपरा है, तो आप उसी नियम के अनुसार इसे ले सकते हैं. वहीं, अगर आपकी परंपरा में इन्हें व्रत में नहीं लिया जाता, तो इन्हें छोड़ना ही आपके लिए सही साबित होगा. लेकिन, धार्मिक व्रत के नियमों को तय करने के लिए अपनी परंपरा को ही आधार बनाना सबसे बेहतर है.
एक्सपर्ट ने चाय-कॉफी के बारे में क्या कहा?
क्लीवलैंड क्लिनिक की रजिस्टर्ड डाइटीशियन Julia Zumpano (RD, LD) ने इंटरमिटेंट फास्टिंग के बारे में बताया है कि फास्टिंग के दौरान पानी, ब्लैक कॉफी और चाय ली जा सकती है. उन्होंने यह भी बताया है कि फास्टिंग के दौरान कैलोरी वाले खाने और ड्रिंक्स से बचना चाहिए. यहां एक जरूरी बात समझना बहुत जरूरी है. जूलिया ज़म्पानो की यह सलाह इंटरमिटेंट फास्टिंग के रिफरेन्स में है, न कि नवरात्रि के धार्मिक व्रत के लिए. इसलिए उनके बयान को नवरात्रि में चाय-कॉफी पीने की धार्मिक अनुमति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.
इंटरमिटेंट फास्टिंग और नवरात्रि व्रत में फर्क
अगर हम 'इंटरमिटेंट फास्टिंग' और नवरात्रि के धार्मिक व्रत की बात करें, तो ये दोनों बिल्कुल अलग चीजें हैं, एक नहीं हैं. इंटरमिटेंट फास्टिंग में सिर्फ इतना होता है कि आपको खाने और भूखे रहने का एक टाइम-टेबल फॉलो करना पड़ता है. वहीं दूसरी तरफ, नवरात्रि का व्रत हमारी धार्मिक आस्था, पूजा-पाठ और घर-परिवार के रीति-रिवाजों से जुड़ा होता है. इसी वजह से, इंटरमिटेंट फास्टिंग में ब्लैक कॉफी या बिना चीनी वाली चाय पीने की जो छूट या सलाह दी जाती है, उसे आप नवरात्रि के धार्मिक व्रत पर सीधे लागू नहीं कर सकते. नवरात्रि के व्रत में आपको क्या खाना-पीना चाहिए और क्या नहीं, यह फैसला आपको किसी डाइट के नियम को देखकर नहीं, बल्कि अपने घर के व्रत के नियमों और ट्रेडिशंस के हिसाब से ही करना चाहिए.
ये भी पढ़ें: नवरात्रि में नाश्ते की टेंशन खत्म, 7 आसान व्रत रेसिपी जो सुबह झटपट होंगी तैयार
दूध और चीनी वाली चाय का क्या?
अगर हम 'इंटरमिटेंट फास्टिंग' की बात करें, तो दूध और चीनी जैसी चीजें, जिनमें कैलोरी होती है, वे आपके फास्टिंग के नियमों को बिगाड़ सकती हैं. क्लीवलैंड क्लिनिक के हिसाब से फास्टिंग के दौरान आपको ऐसी किसी भी खाने या पीने की चीज से बचना चाहिए जिसमें कैलोरी हो. लेकिन जब बात नवरात्रि के धार्मिक व्रत की आती है, तो उसमें दूध या चीनी वाली चाय पीनी चाहिए या नहीं, इसका फैसला पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आपके घर में व्रत के क्या नियम हैं. इसलिए यह कहना बिल्कुल सही नहीं होगा कि दूध वाली चाय नवरात्रि के हर व्रत में गलत होती है या फिर हर व्रत में सही ही होती है.
व्रत में ज्यादा चाय-कॉफी पीने से बचें
अगर आपके घर के नियमों में व्रत के दौरान चाय या कॉफी पीने की छूट है, तो भी इसकी मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है. कैफीन का असर हर इंसान के शरीर पर अलग-अलग होता है. अमेरिकन ऑर्गनाइजेशन FDA के अनुसार, एक हेल्दी इंसान के लिए दिन में 400 मिलीग्राम तक कैफीन सुरक्षित माना जाता है. लेकिन बहुत ज्यादा चाय या कॉफी पीने से घबराहट, तेज दिल की धड़कन, नींद न आना, पेट खराब होना या सिरदर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. इसीलिए व्रत में बार-बार चाय-कॉफी पीने से बचें और इसकी सही मात्रा का ख्याल रखें.
क्या चाय-कॉफी से शरीर में पानी की कमी होती है?
लोगों के बीच एक आम गलतफहमी है कि चाय या कॉफी पीने से शरीर में पानी की कमी यानी कि डिहाइड्रेशन हो जाती है. लेकिन अगर इन्हें लिमिट में पिया जाए, तो ये भी दिन भर के पानी और लिक्विड की कमी को पूरा करने में मदद करती हैं. ब्रिटेन की हेल्थ इंस्टीटूशन NHS के मुताबिक, चाय और कॉफी भी हमारे रोज के लिक्विड इनटेक का ही हिस्सा हैं. इसलिए यह सोचना गलत है कि एक कप चाय या कॉफी पीते ही शरीर में पानी कम हो जाएगा. अगर आपके व्रत में पानी पीने की छूट है, तो पानी जरूर पीते रहें, क्योंकि खुद को हाइड्रेटेड रखने का सबसे अच्छा तरीका पानी ही है.
ये भी पढ़ें: नवरात्रि में मेहंदी लगाने का है मन? ये 4 डिजाइन आपके हाथों पर खूब जचेंगे
डायबिटीज है तो व्रत में रखें खास सावधानी
अगर किसी इंसान को डायबिटीज है, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना बहुत जरूरी है. यू.एस. हेल्थ एजेंसी NIDDK के मुताबिक, व्रत के दौरान ब्लड शुगर कम होने का खतरा काफी बढ़ जाता है, खासकर उन लोगों में जो ब्लड शुगर कम करने वाली दवाइयां खाते हैं. लो ब्लड शुगर होने पर हाथ-पैर कांपना, तेज भूख लगना, थकान, चक्कर आना, सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और दिल की धड़कन तेज महसूस होना जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. अगर हालत ज्यादा बिगड़ जाए, तो इंसान बेहोश भी हो सकता है. इसीलिए डायबिटीज के मरीजों को व्रत के दौरान अपनी दवाइयों या खाने-पीने के समय में खुद से कोई बदलाव नहीं करना चाहिए. डॉक्टर की सलाह लेकर ही व्रत का प्लान बनाना सबसे सुरक्षित तरीका है.
शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें
व्रत के दौरान अगर आपको बहुत ज्यादा कमजोरी, चक्कर आना, हाथ-पैर कांपना या बेहोशी जैसी फीलिंग हो, तो इसे नॉर्मल मानकर इग्नोर न करें. खासकर जिन लोगों को डायबिटीज है, उनमें ये लक्षण लो ब्लड शुगर की वजह से हो सकते हैं. ऐसी हालत में किसी भी चीज़ से ज्यादा अपनी सेहत का ध्यान रखना जरूरी है. अगर दिक्कत ज्यादा बड़ी है या ठीक नहीं हो रही है, तो बिना देरी किए डॉक्टर को दिखाना ही सबसे बेहतर रहेगा.
तो आखिर नवरात्रि व्रत में चाय-कॉफी पीना सही है या नहीं?
सीधी सी बात यह है कि नवरात्रि के व्रत में चाय या कॉफी पीनी चाहिए या नहीं, यह आपके घर के नियमों और ट्रेडिशंस पर निर्भर करता है. इसके लिए हर किसी पर एक ही नियम लागू करना बिल्कुल सही नहीं होगा. अगर आपके घर में व्रत के दौरान चाय या कॉफी पीने की छूट है, तो आप इसे कम मात्रा में पी सकते है. बहुत ज्यादा चाय-कॉफी पीने से बचें और अगर आपके व्रत में पानी पीने की अनुमति है, तो सही मात्रा में पानी भी पीते रहें.
वहीं दूसरी तरफ, अगर बात 'इंटरमिटेंट फास्टिंग' की करें, तो क्लीवलैंड क्लिनिक की डाइटीशियन जूलिया ज़म्पानो के मुताबिक व्रत के दौरान पानी, ब्लैक कॉफी और चाय पी जा सकती है. लेकिन इस सलाह को नवरात्रि के धार्मिक व्रत का नियम मान लेना सही नहीं होगा. नवरात्रि का व्रत रखते समय अपने घर के नियमों को मानने के साथ-साथ अपनी सेहत का ख्याल रखना भी बहुत जरूरी है. अगर आपको डायबिटीज या कोई दूसरी बीमारी है, तो व्रत शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित तरीका है.
ये भी पढ़ें: छुट्टियों में सस्ती फ्लाइट चाहिए तो कब बुक करें टिकट? Google Flights ने बताया सही तरीका
The post व्रत में चाय-कॉफी पी सकते हैं या नहीं? जानिए इस पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट appeared first on Prabhat Khabar.

