अदन की खाड़ी और अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र के समुद्री मार्ग से गुजरने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (डीजीएमए) ने सभी भारतीय और विदेशी ध्वज वाले उन जहाजों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिन पर भारतीय नाविक तैनात हैं। इसमें इस समुद्री क्षेत्र से गुजरते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
बढ़े समुद्री डकैती के मामले
यह एडवाइजरी ऐसे समय जारी की गई है, जब अप्रैल 2026 से इस क्षेत्र में समुद्री डकैती की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। डीजीएमए ने कहा है कि इस क्षेत्र से गुजरने के दौरान सभी जहाज मालिक, जहाज संचालक, जहाज के कप्तान, कंपनी सुरक्षा अधिकारी (सीएसओ) और भर्ती एवं नियुक्ति सेवा लाइसेंस (आरपीएसएल) एजेंसियां समुद्री डकैती और समुद्री सुरक्षा खतरों से बचाव के लिए बेस्ट मैनेजमेंट प्रैक्टिस (बीएमपी-5) के नवीनतम संस्करण का सख्ती से पालन करें।
समुद्री प्रशासन ने यह भी सलाह दी है कि उच्च जोखिम वाले क्षेत्र (एचआरए) में प्रवेश करने से पहले जहाज की सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का व्यापक आकलन किया जाए। साथ ही, जहाज सुरक्षा योजना (शिप सिक्योरिटी प्लान) को अद्यतन कर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
क्यों जारी करनी पड़ी एडवाइजरी?
अदन की खाड़ी और अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र से होकर गुजरने वाला समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त व्यापारिक रास्तों में से एक है। यह मार्ग यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व के बीच माल ढुलाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में समुद्री डकैती की घटनाओं में फिर से बढ़ोतरी देखी गई है।
समुद्री डाकू व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाकर उनका अपहरण करने, चालक दल को बंधक बनाने और फिरौती मांगने जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। ऐसे खतरे न केवल नाविकों की सुरक्षा के लिए चुनौती हैं, बल्कि वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर भी असर डाल सकते हैं। इसी वजह से इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने और संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना संबंधित समुद्री सुरक्षा एजेंसियों को देने की सलाह दी जाती है।


