महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहीर के वर्ली स्थित घर में 2.65 करोड़ रुपये की चोरी का मामला सामने आया है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने अहीर के घर पिछले 24 वर्षों से काम कर रहे प्रवीण रमेश सोलंकी (45) को गिरफ्तार किया है। उसे मुंबई की किला कोर्ट में मुख्य मेट्रोपोलिटिन मजिस्ट्रेट के सामने गुरुवार को पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 30 जुलाई तक क्राइम ब्रांच की पुलिस कस्टडी में भेज दिया।
चोरी के बाद आपस में बांटे पैसे और सोना
आरोपी की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट अजय दुबे ने अदालत में दावा किया कि उनके मुवक्किल ने चोरी नहीं की है, बल्कि इस केस में फरार आरोपियों ने यह चोरी की है। दुबे के अनुसार, प्रवीण सोलंकी को इस केस में झूठा फंसाया गया है। वहीं मुंबई क्राइम ब्रांच का कहना है कि सोलंकी ने पूछताछ में चोरी के सामान को बेचने और रकम साथियों में बांटने की बात स्वीकार की है।
पूरे मामले की जांच सचिन अहीर की मुंबई पुलिस कमिश्नर को लिखे शिकायती पत्र के बाद शुरू हुई। शिकायत मिलने पर क्राइम ब्रांच के डीसीपी राज तिलक रौशन के मार्गदर्शन में जांच शुरू की गई। जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक योगेश खैरावकर ने अदालत को बताया कि मामले के शिकायतकर्ता सचिन अहीर के बेटे कृष्णा सचिन अहीर हैं, जो वर्ली सी फेस स्थित गुलरुख बिल्डिंग में परिवार के साथ रहते हैं।
कृष्णा अहीर के बयान के अनुसार, प्रवीण सोलंकी पिछले 24 वर्षों से उनके घर की साफ-सफाई का काम करता था। परिवार का उस पर इतना भरोसा था कि पिछले तीन वर्षों से उसे वर्ली स्थित कार्यालय की सफाई की जिम्मेदारी भी दे दी गई थी।
आरोपियों ने बनाया नया घर, खरीदी गाड़ियां
मामले का खुलासा तब हुआ, जब 16 जुलाई को परिवार के एक परिचित ने सूचना दी कि घर में काम करने वाले दो अन्य कर्मचारी सतीश कुमार मिस्त्री और अमितकुमार रामबच्चन प्रसाद कम वेतन के बावजूद झारखंड स्थित अपने गांव में नया मकान, नई गाड़ियां और अन्य संपत्तियां खरीद चुके हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने रिश्तेदारों के खातों में भी लाखों रुपये ट्रांसफर किए हैं। इस जानकारी के बाद परिवार ने घर के अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की, जिसमें पिछले चार-पांच वर्षों से लगातार हो रही चोरी का खुलासा हुआ।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, पूछताछ में सोलंकी ने स्वीकार किया कि उसने अपने फरार साथियों के साथ मिलकर करीब 15 लाख रुपये कीमत का 100 ग्राम सोने का बिस्कुट, लगभग 45 लाख रुपये के हीरे जड़े दो सोने के कंगन और करीब 50 लाख रुपये कीमत का हीरे जड़ा एक बैंगल चुराया था। जांच में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक 13 अक्टूबर 2025 को घर में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटना के दौरान भी नकदी चोरी होने और सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ किए जाने की आशंका है। क्राइम ब्रांच इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के अनुसार, एफआईआर में कुल 2.65 करोड़ रुपये की चोरी का उल्लेख किया गया है।
खाने मे मिला रहे थे दवाइयां और मल्टीविटामिन?
जांच के दौरान यह भी पता चला है कि परिवार के एक पूर्व जिम ट्रेनर के माध्यम से विदेश से दवाइयां और मल्टीविटामिन मंगवाए जाते थे। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उनकी मां और बहन को कई बार भोजन के बाद सुस्ती और चक्कर आने की शिकायत रहती थी। अब जांच टीम इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं चोरी को अंजाम देने के लिए खाने या दवाओं में कोई नशीला पदार्थ तो नहीं मिलाया जाता था।
रिमांड अर्जी में मुंबई क्राइम ब्रांच ने अदालत को बताया कि आरोपी से चोरी के जेवर कहां बेचे गए, चोरी की रकम किस-किस तक पहुंची और इस पूरे गिरोह में कौन-कौन शामिल है, इसका पता लगाना अभी बाकी है। इसके अलावा चोरी गई संपत्ति की बरामदगी, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों की जांच और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल भी की जानी है। इन्हीं दलीलों के आधार पर अदालत ने प्रवीण सोलंकी को 30 जुलाई तक क्राइम ब्रांच की हिरासत में भेजने का आदेश दिया।


