अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ एक समझौता किया है. इस समझौते से अमेरिका को ग्रीनलैंड में सुरक्षा और अन्य सभी जरूरतों पर स्थायी नियंत्रण मिल जाएगा और अमेरिका की सभी चिंताओं का पूरी तरह से समाधान हो जाएगा.
उन्होंने बताया कि इसके लिए अमेरिका को कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा. मेरे निर्देश पर हमने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया है कि अमेरिका के पास हमेशा ग्रीनलैंड और खुद अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की पूरी क्षमता हो.
ट्रंप ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, ‘अब से अमेरिका का कोई भी दुश्मन हमारी साफ लिखित मंज़ूरी के बिना ग्रीनलैंड में न तो कोई बेस बना पाएगा, न ही वहां अपनी फौजों की मौजूदगी रख पाएगा और न ही वहां कोई संवेदनशील निवेश कर पाएगा.’ ट्रंप ने आगे कहा कि 100 से ज्यादा सालों से राष्ट्रपति ग्रीनलैंड की रणनीतिक अहमियत को जानते रहे हैं, लेकिन उनमें से कोई भी इस बारे में कुछ नहीं कर पाया.
BREAKING NEWS: I am pleased to announce that the United States of America has entered into an Agreement with The Kingdom of Denmark, and Greenland, that gives the United States permanent control over security, and all other needs, in Greenland, completely addressing ALL of our…
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) September 19, 2026
ये समझौता हमेशा के लिए है- ट्रंप
ट्रंप ने कहा, ‘मुझे गर्व है कि मैं वह राष्ट्रपति हूं जिसने इस बहुत जरूरी मामले को हमेशा के लिए और पक्के तौर पर सुलझाया है. यह हमेशा चलने वाला समझौता है, इसका कोई अंत नहीं है जो कुछ अभी हुआ है, उस पर हमें बहुत गर्व और सम्मान महसूस हो रहा है. आज जो भी तय हुआ है, उसे अमेरिकी लोग हमेशा याद रखेंगे. हम तुरंत ग्रीनलैंड के सही हिस्सों में बड़ी सैन्य मौजूदगी बनाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे. हम ग्रीनलैंड के लोगों के साथ मिलकर इसके विकास और निर्माण का काम करेंगे.’
हम इसकी पूरी सुरक्षा करेंगे- ट्रंप
ट्रंप ने आखिर में कहा, ‘यह समाधान अमेरिका, डेनमार्क, ग्रीनलैंड और हमारे सभी सहयोगियों के लिए बहुत अच्छा है. हम डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बेहतरीन लोगों के साथ मिलकर इस विशाल और रणनीतिक रूप से बेहद अहम जमीन के शानदार भविष्य के लिए काम करने को लेकर उत्साहित हैं. हम इसकी पूरी सुरक्षा करेंगे. यह अमेरिका के लिए एक सपना सच होने जैसा है एक ऐसा सपना जो बहुत महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक और खास है.’
ये भी पढ़ें
चीन चुरा लेगा F-35 की तकनीक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को सता रहा डर


