सिंगापुर में भारतीयों के खिलाफ दुष्प्रचार करने और नस्लीय टिप्पणियां करने के मामले में सिंगापुर सरकार ने कड़ा ऐक्शन लिया है. भारतीय हाई कमीशन ने बुधवार (8 सितंबर) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि भारतीय के खिलाफ नस्लीय बयानों को लेकर सिंगापुर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है. इस मामले में पुलिस ने 5 लोगों से पूछताछ की है.
सिंगापुर हाई कमीशन का कहना है कि देश के अधिकारी भारत-विरोधी टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं. इस बीच दिल्ली में हाई कमीशन की ओर से इस घटनाक्रम की जानकारी देने वाली पोस्ट पर भारत-विरोधी ट्रोल ने इस कार्रवाई को लेकर हमला किया है.
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और एयर इंडिया में सिंगापुर एयरलाइंस के निवेश को लेकर भारतीयों को ऑनलाइन निशाना बनाया जा रहा है. सिंगापुर सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि अगर भारतीयों के खिलाफ नस्ली टिप्पणियां की जाती हैं तो सिंगापुर के कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
Taking immediate action, @SingaporePolice interviews 5 people on racial slurs. HC Wong#Police #Singapore #Investigation
📸: @straits_times pic.twitter.com/U2OTKoTpdJ
— Singapore in India (@SGinIndia) September 9, 2026
सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने क्या कहा
इस मामले में सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग और गृह मंत्री के शनमुगम ने चेताया है कि इस तरह की बयानबाजी को बिना रोक-टोक के जारी रहने देने से नस्लीय पूर्वाग्रह सामान्य हो सकता है और इससे देश में बहुजातीय सद्भाव को खतरा पैदा हो सकता है. प्रधानमंत्री वोंग ने रविवार को कहा कि सिंगापुर को किसी भी समुदाय के प्रति पूर्वाग्रह को स्वीकार्य या सामान्य होने की अनुमति कभी नहीं देनी चाहिए.
क्या है पूरा मामला
फेसबुक पर एक पोस्ट में वोंग ने कहा कि इन दोनों मामलों पर ऑनलाइन चर्चाओं में एक भयानक बात सामने आई है. उन्होंने बताया कि नेपाल-तिब्बत आपदा में लापता 9 सिंगापुर नागरिकों के मामले को लेकर ऑनलाइन नस्लवादी टिप्पणियां की गईं. इसके अलावा एसआईए के एयर इंडिया में निवेश को लेकर उठाए गए सवालों के साथ भारत विरोधी अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि अगर इस तरह के व्यवहार पर रोक नहीं लगाई गई तो यह सामान्य बात बन सकती है और समुदायों के बीच अविश्वास- दूरियों को बढ़ा सकती है.
ये भी पढ़ें
US नागरिक समेत 7 विदेशियों के खिलाफ NIA की चार्जशीट, UAPA की धाराएं नहीं

