
- पाकिस्तान ने मध्यस्थता प्रयास किया, पर ठोस समाधान नहीं निकला।
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष और तनाव के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपने देश की खस्ता हालत को लेकर बड़ा बयान दिया है. ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस्लामाबाद के सामने एक नाजुक कूटनीतिक चुनौती है. उन्होंने पाकिस्तान की स्थिति को बेहद नाजुक करार दिया है, क्योंकि उसके अमेरिका और संघर्ष में शामिल अन्य खाड़ी देशों के साथ नजदीकी रिश्ते हैं. साथ ही, उसके ईरान से भी मजबूत संबंध हैं.
पाकिस्तान ने मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के तहत अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश की, लेकिन अब तक हुई वार्ता में दोनों पक्ष किसी भी ठोस समाधान तक नहीं पहुंच सके.
सभी पक्षों के साथ हमारे भाईचारे जैसे रिश्ते- ख्वाजा आसिफ
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जियो न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘पाकिस्तान के सभी पक्षों के साथ भाईचारे जैसे रिश्ते हैं. पाकिस्तान के लिए यह एक बड़ी परीक्षा के जैसा है, हम यह देखना होगा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच आगे किसी मध्यस्थता की कोशिश में हम कहां तक जा सकते हैं, कहां हमें अपनी गति को कम करना चाहिए और क्या हम इससे दूरी बना सकते हैं?’ उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि यह सारी परिस्थितियां पाकिस्तान की स्थिति को नाजुक बना देती हैं.
पाकिस्तान की भूमिका पर बोले ख्वाजा आसिफ
इसके साथ ही, उन्होंने पश्चिम एशिया में यूएस-ईरान के बीच युद्ध को खत्म करने की बातचीत में पाकिस्तान के संभावित भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा, ‘इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान दोनों के साथ संपर्क बनाए रखने की कोशिश कर रहा है और दोनों देशों के साथ उसके रिश्ते अहम हैं. हमने दोनों पक्षों के साथ बातचीत करने की कोशिश की है.’
ख्वाजा आसिफ ने इस बात पर जोर देते हुए कहा, ‘संघर्ष में शामिल सभी बाकी खाड़ी देशों के साथ हमारे भाईचारे वाले रिश्ते हैं और ईरान के भी पाकिस्तान के रिश्ते उतने ही अहम हैं.’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इस मुश्किल से बाहर निकलने और आगे बढ़ने के लिए कोई कूटनीतिक रास्ता निकालने की उम्मीद को बनाए रखनी चाहिए.
यह भी पढ़ेंः वेस्ट बैंक पर ब्रिटेन से गहराया विवाद, इजरायल ने UK दूतावास को किया बंद
