नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की एक सुरंग सैकड़ों लोगों के लिए जिंदगी की ढाल बन गई. बाढ़ का पानी, मलबा और चट्टानें जब इलाके में तबाही मचा रही थीं, तब करीब 350 लोगों ने इसी सुरंग के भीतर शरण लेकर अपनी जान बचाई. नेपाली सेना ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभियान चलाकर इन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है. इनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं. हालांकि, सुरंग के भीतर और आसपास अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिन्हें तलाशने और सुरक्षित निकालने के लिए अभियान जारी है.
बाढ़ के बीच सुरंग बनी सुरक्षित पनाहगाह
रसुवा जिले में आई बाढ़ के दौरान हालात इतने भयावह हो गए थे कि खुले इलाके में रहना लोगों के लिए बेहद जोखिम भरा हो गया. तेज बहाव के साथ पानी, मलबा और बड़े-बड़े पत्थर आने लगे. इसी दौरान अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग लोगों के लिए सुरक्षित ठिकाना साबित हुई. सुरंग के अंदर मौजूद रहने के कारण बड़ी संख्या में मजदूर और अन्य लोग बाढ़ के सीधे प्रभाव से बच सके. यह सुरंग ऐसे समय में उनके लिए सुरक्षा कवच बन गई, जब आसपास का इलाका बाढ़ के पानी और मलबे की चपेट में था.
नेपाली सेना ने संभाला मोर्चा
लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए नेपाली सेना ने मोर्चा संभाला. मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों और सुरंग के अंदर मौजूद जोखिमों के बीच सेना की प्रशिक्षित टीमों ने तकनीकी उपकरणों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया. सेना के जवानों ने अब तक करीब 350 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. इनमें कई भारतीय नागरिक भी बताए जा रहे हैं. रेस्क्यू के दौरान सेना की टीमों को पानी, मलबे और कठिन रास्तों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा.
Watch | नेपाल में आई बाढ़ की वजह से भारी तबाही देखने को मिली है. मौत का आंकड़ा बढ़कर 469 पहुंच गया है. नेपाल आर्मी ने गहरी सुरंग से 350 लोगों को ऐसा किया रेस्क्यू#Nepal #FlashFlood #NepalTragedy #abpnews pic.twitter.com/pO8h6BiNIL
— ABP News (@ABPNews) August 28, 2026
अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका
रेस्क्यू अभियान के बावजूद सुरंग के भीतर और उसके आसपास कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है. इसी को देखते हुए नेपाली सेना की टीमें लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं. अभियान में तकनीकी उपकरणों के साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित जवानों को लगाया गया है. सेना की कोशिश है कि सुरंग के प्रत्येक हिस्से और आसपास के प्रभावित क्षेत्र की जांच कर किसी भी संभावित व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.
26 अगस्त की बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
यह पूरा संकट 26 अगस्त को तिब्बत-नेपाल सीमा के पास आई फ्लैश फ्लड के बाद पैदा हुआ. अचानक आए पानी के तेज बहाव ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों को प्रभावित किया. पानी के साथ बड़ी मात्रा में गाद और चट्टानें आने से रसुवा समेत कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ. बाढ़ के बाद नेपाल में राहत और बचाव कार्य लगातार चल रहे हैं. द काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, भोटेकोशी बाढ़ में मृतकों की संख्या 475 तक पहुंच गई है.
