05:24 AM, 29-Aug-2026
320 भारतीयों का सुराग नहीं, 85 भारतीय पर्यटक बचाए, 21 घर लौटे
नेपाल के भीषण सैलाब के 72 घंटे बीतने के बाद भी भारत के कम से कम 320 नागरिकों का कोई पता नहीं चल पाया है। हर बीतते पल के साथ इनके जीवन की डोर भी क्षीण होती जा रही है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया सैलाब से इलाके की सड़कें ध्वस्त हो जाने के कारण मुश्किल जगहों पर फंसे 100 से अध भारतीयों तक राहत और बचाव दल पहुंच नहीं पा रहे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नेपाल में फंसे भारतीयों के बचाव कार्य की समीक्षा की। उन्होंने नागरिकों को बचाने के लिए नेपाल सरकार काे धन्यवाद दिया आैर बचाकर लाए गए तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्रियों से भेंट की। वहीं, नेपाल में 85 भारतीय पर्यटक भी बचाए गए हैं।
05:05 AM, 29-Aug-2026
इन्फोसिस पब्लिक सर्विसेज के प्रमुख गोपीशेट्टी भी लापता
टेक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस ने शुक्रवार को बताया कि नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद उसकी सहयोगी कंपनी इन्फोसिस पब्लिक सर्विसेज के प्रमुख लैक्स गोपीशेट्टी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। गोपीशेट्टी निजी यात्रा पर इस इलाके में गए थे। हमारी पहली प्राथमिकता उनकी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करना है।
ये भी पढ़ें- नेपाल बाढ़: इंफोसिस की सहायक कंपनी के सीईओ लैक्स गोपीसेट्टी लापता, नहीं हो पा रहा संपर्क; कंपनी ने क्या कहा?

04:45 AM, 29-Aug-2026
चीनी इंजीनियरों के दल ने निरीक्षण किया
चीन ने बताया कि उसके 8 इंजीनियरों के दल ने झील का निरीक्षण कर आकलन किया कि इसमें 12 से 20 लाख घन मीटर पानी है। बाद में चीन ने अपने बचाव कर्मियों को सुरक्षित जगहों पर बुला लिया। चीन ने झील से पैदा खतरे को लेकर सबसे निचले लेवल का अलर्ट जारी किया है।
04:20 AM, 29-Aug-2026
भोटेकोशी की सहायक नदियों पर तिब्बत में बनी झील से रिसाव शुरू
नेपाल के भोटेकोशी नदी में फिर सैलाब की आशंका से स्थानीय लोगों में दहशत है। लोगों ने ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है। इस बीच, नेपाल में मरने वालों की संख्या 579 हो गई है। कम से कम 1,924 लोग लापता हैं, जिनमें 320 भारतीय हैं। दरअसल, चीन ने नेपाल को शुक्रवार को जानकारी दी कि भोटेकोशी नदी की दो सहायक नदियों पर ग्लेशियर टूटने से तिब्बत में जो नया झील बना था, उसमें रिसाव शुरू हो गया है। इससे भोटेकोशी में फिर पानी बढ़ने लगा। इससे रसुवा जिले के मुख्य जिलाधिकारी नरेंद्र परियार ने करीब 90 मिनट तक बचाव कार्य रोकने का आदेश दिया। परियार ने सभी नागरिकों, बचाव दलों से सुरक्षित जगहों पर पहुंचने की अपील की। इस अपील से दहशत में आए रसुवा और आसपास के लोग बचने के लिए पहाड़ियों की ओर भागते नजर आए। हालांकि देर रात तक स्थिति बिगड़ी नहीं थी।
04:00 AM, 29-Aug-2026
नेपाल बाढ़ लाइव: जलप्रलय के बीच से जिंदा लौटे कई भारतीय, सुनाई रोंगटे खड़े करने वाली आपबीती; अबतक कितनी मौतें?
ये भी पढ़ें- नेपाल बाढ़ LIVE: त्रासदी में अब तक 579 लोगों की मौत, 1545 बचाए गए; 1924 लापता; चीन से काठमांडो पहुंचे 53 भारतीय
