अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर चेतावनी दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि ईरान के लिए अब समय हाथ से निकला जा रहा है। उसे बहुत तेजी से कदम उठाने होंगे। अगर उसने जल्द फैसला नहीं लिया, तो उसका नामोनिशान मिट जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कहा कि इस समय वक्त की भारी कमी है। दोनों देशों के बीच महीनों से चल रहे भयंकर संघर्ष के बाद अब कूटनीतिक गतिरोध और ज्यादा गहरा गया है।
अमेरिका ने रखीं बेहद सख्त शर्तें
ईरानी मीडिया फारस न्यूज एजेंसी ने हाल ही में अमेरिका की कुछ गुप्त शर्तों का खुलासा किया था। इसके कुछ ही घंटे बाद ट्रंप का यह गुस्सा फूट पड़ा। अमेरिका ने बातचीत शुरू करने के लिए ईरान के सामने तीन बेहद कड़े नियम रखे हैं। ट्रंप चाहते हैं कि ईरान अपना 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम तुरंत उसे सौंप दे। इसके साथ ही उसे अपने केवल एक परमाणु संयंत्र को चालू रखने की इजाजत मिलेगी। अमेरिका ने यह भी साफ कर दिया है कि युद्ध में हुए नुकसान का कोई मुआवजा ईरान को नहीं दिया जाएगा।
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ईरान ने ठुकराया अमेरिकी प्रस्ताव
दावा किया जा रहा है कि ईरान ने अमेरिकी प्रशासन की इन सभी शर्तों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान ने बातचीत की मेज पर आने के लिए अपनी खुद की पांच शर्तें सामने रख दी हैं। ईरान की मांग है कि उस पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध तुरंत हटाए जाएं। इसके साथ ही उसने युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपने पूर्ण नियंत्रण को मान्यता देने की शर्त रखी है।
पाकिस्तानी मध्यस्थता भी रही बेअसर
पश्चिम एशिया में ईरान, इस्राइल और अमेरिकी सेना के बीच हफ्तों तक भीषण जंग चली थी। इसके बाद इसी साल पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक नाजुक युद्धविराम हुआ था। इस शांति समझौते के बाद भी दोनों देशों के बीच का तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। संवर्धित यूरेनियम के भंडार, आर्थिक पाबंदियों और मुआवजे के विवाद ने शांति की हर कोशिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया है। यह गंभीर विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

