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बंद नाक से परेशान? ये 5 योगासन दिलाएंगे तुरंत राहत

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Yoga for Nose Blockage: मानसून का मौसम जितना सुहावना लगता है, उतना ही यह जुकाम, बंद नाक और साइनस जैसी समस्याएं भी साथ लेकर आता है. हवा में बढ़ी नमी, तापमान में बदलाव और एलर्जी के कारण कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत, सिर भारी रहना और नाक बंद होने जैसी परेशानी होने लगती है. ऐसे में हर बार दवा लेने के बजाय कुछ आसान योगासन और प्राणायाम अपनाकर भी राहत पाई जा सकती है.

हेल्थशॉट्स के अनुसार, नियमित योग से नाक के मार्ग को साफ रखने, रेस्पिरेटरी सिस्टम को मजबूत बनाने और साइनस की परेशानी कम करने में मदद कर सकती है.

नाड़ी शोधन प्राणायाम (अनुलोम-विलोम)

यह प्राणायाम नाक के दोनों दोनों छेद को बैलेंस करता है, सांस लेने की प्रक्रिया को सहज बनाता है और बंद नाक से राहत दिलाने में सहायक माना जाता है.

कैसे करें?

आराम से सुखासन में बैठ जाएं.

दाएं अंगूठे से दाईं नासिका बंद करें और बाईं नासिका से गहरी सांस लें

अब बाईं नासिका को अनामिका से बंद करके दाईं ओर से सांस छोड़ें.

यही प्रक्रिया दूसरी ओर से दोहराएं.

5–10 मिनट तक अभ्यास करें भ्रामरी प्राणायाम

भौंरे जैसी गूंजती आवाज नाक और गले में हल्का कंपन पैदा करती है, जिससे कफ ढीला होने और सांस लेने में आसानी महसूस हो सकती है. साथ ही यह तनाव कम करने में भी मददगार है.

कैसे करें?

  • आंखें बंद करके आराम से बैठें.
  • अंगूठों से कान बंद करें.
  • बाकी उंगलियां हल्के से आंखों और माथे पर रखें.
  • गहरी सांस लें और सांस छोड़ते समय “ऊं…” जैसी आवाज निकालें.
  • इसे 5–7 बार दोहराएं.

भुजंगासन (कोबरा पोज)

यह आसन छाती को खोलता है, फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में मदद करता है और श्वसन तंत्र को सक्रिय बनाता है. इससे सीने में जकड़न कम महसूस हो सकती है.

कैसे करें?

  • पेट के बल सीधा लेट जाएं.
  • हथेलियां कंधों के पास जमीन पर रखें.
  • सांस लेते हुए धीरे-धीरे सिर और छाती को ऊपर उठाएं.
  • कुछ सेकंड रुकें और सामान्य स्थिति में लौट आएं.

अधो मुख श्वानासन

इस आसन में सिर नीचे की ओर रहता है, जिससे सिर और चेहरे की ओर ब्लड फ्लो बेहतर होता है. इससे बंद नाक और साइनस में राहत महसूस हो सकती है.

कैसे करें?

  • हाथों और घुटनों के बल आ जाएं.
  • सांस छोड़ते हुए हिप्स को ऊपर उठाएं.
  • शरीर को उल्टे “V” के आकार में रखें.
  • 20–30 सेकंड तक सामान्य सांस लेते रहें.

जलनेति (योग क्रिया)

जलनेति नाक के अंदर जमा धूल, एलर्जी पैदा करने वाले कण और ज्यादा म्यूकस को साफ करने में मदद करती है. साइनस की समस्या वाले लोगों के लिए यह काफी उपयोगी मानी जाती है.

कैसे करें?

  • गुनगुने पानी में थोड़ा नमक मिलाएं.
  • नेति पॉट की सहायता से पानी को एक नासिका से डालें, ताकि वह दूसरी तरफ से बाहर निकल जाए.
  • प्रक्रिया पूरी होने के बाद नाक को अच्छी तरह साफ और सुखा लें.

किन बातों का रखें ध्यान?

  • तेज बुखार, गंभीर साइनस संक्रमण या सांस की गंभीर तकलीफ होने पर केवल योग पर निर्भर न रहें और डॉक्टर से सलाह लें.
  • सभी अभ्यास खाली पेट या भोजन के कम से कम 2–3 घंटे बाद करें.
  • यदि किसी आसन के दौरान चक्कर आए या असहज महसूस हो, तो तुरंत अभ्यास रोक दें.

इन्पुट- मेघा राॅय

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