Ideal TDS Level: अगर आपके घर में RO लगा है, तो आपने कभी न कभी उसके पानी का TDS जरूर चेक कराया होगा. मीटर पर 20, 50, 100 या 300 जैसी रीडिंग देखकर मन में सवाल आया होगा कि आखिर इनमें से कौन-सा TDS पीने के पानी के लिए सही है.
कम TDS देखकर जहां कुछ लोग पानी को ज्यादा साफ मान लेते हैं, वहीं कुछ लोगों को डर लगता है कि कहीं पानी से जरूरी मिनरल्स तो कम नहीं हो गए. ऐसे में सिर्फ TDS की संख्या देखकर फैसला करना सही नहीं है. तो आखिर पीने के पानी का TDS कितना होना चाहिए और बहुत कम TDS वाला पानी सेहत के लिए कैसा है. लेकिन सबसे पहले जानते हैं कि आखिर यह TDS क्या बला है.
TDS क्या है?
TDS यानी Total Dissolved Solids पानी में घुले हुए ठोस पदार्थों की कुल मात्रा को दर्शाता है. इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम, पोटैशियम और कई तरह के खनिज लवण शामिल हो सकते हैं. हालांकि, TDS की रीडिंग यह नहीं बताती कि पानी में कौन-सा पदार्थ कितनी मात्रा में मौजूद है और पानी में बैक्टीरिया, दूसरे सूक्ष्मजीव या कुछ हानिकारक रासायनिक तत्व मौजूद हैं या नहीं, यह जानने के लिए अलग जांच की जरूरत होती है.

पानी में कितना TDS ठीक माना जाता है?
ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के अनुसार, भारत में पीने के पानी की क्वालिटी के लिए TDS की स्वीकार्य सीमा 500 mg/L है लेकिन अगर किसी जगह पानी का दूसरा विकल्प उपलब्ध नहीं है, तो TDS 2000 mg/L तक की सीमा को परमिसिबल माना गया है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि 2000 mg/L TDS वाला पानी रोज पीने के लिए परफेक्ट है.
वहीं WHO के अनुसार, 600 mg/L से कम TDS वाला पानी आमतौर पर स्वाद के लिहाज से अच्छा (Ideal TDS Level) माना जाता है. TDS 1000 mg/L से ऊपर जाने पर पानी का स्वाद लोगों को कम पसंद आ सकता है.

25 से कम TDS वाला पानी कितना सुरक्षित है?
अगर आपके RO से निकलने वाले पानी का TDS 25 mg/L से कम है, तो यह रीडिंग काफी कम मानी जाती है. इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में ISIC Multispeciality Hospital के डॉ. उदित गुप्ता ने कहा कि 25 mg/L से कम TDS वाला पानी बहुत कम मिनरल्स वाला हो सकता है और अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक कम मिनरल्स वाला पानी पीता है, तो उसे अपने खाने में कैल्शियम और मैग्नीशियम की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करनी चाहिए.

ज्यादा TDS होने पर क्या परेशानी हो सकती है?
पानी में TDS बहुत ज्यादा होने पर उसका स्वाद बदल सकता है. पानी में खारापन या अलग तरह का स्वाद महसूस हो सकता है. ज्यादा TDS के कारण पाइप, हीटर और दूसरे घरेलू उपकरणों में मिनरल्स की परत जमने की समस्या भी बढ़ सकती है.
Ideal TDS Level: TDS कैसे चेक करें?
घर पर पानी का TDS जानने के लिए डिजिटल TDS मीटर का इस्तेमाल किया जा सकता है.
- एक साफ गिलास में पानी भरें.
- डिजिटल TDS मीटर को पानी में डालें.
- कुछ सेकंड रुककर स्क्रीन पर दिखाई देने वाली रीडिंग देखें.
- रीडिंग आमतौर पर ppm या mg/L में दिखाई देती है.
- अलग-अलग पानी के सैंपल की तुलना करते समय मीटर को साफ रखना जरूरी है.
सिर्फ TDS देखकर पानी की सुरक्षा तय न करें
अगर घर के पानी का TDS बहुत ज्यादा या बहुत कम आ रहा है, तो सिर्फ उसी नंबर के आधार पर फैसला न लें. पानी की सुरक्षा के लिए माइक्रोबायोलॉजिकल और केमिकल जांच भी जरूरी हो सकती है.
खासकर अगर पानी बोरवेल, हैंडपंप या किसी स्थानीय स्रोत से आता है, तो समय-समय पर पानी की लैब टेस्टिंग कराना बेहतर रहता है. वहीं, RO का इस्तेमाल करने वाले लोगों को उसकी नियमित सर्विसिंग और फिल्टर की स्थिति का भी खासा ध्यान रखना चाहिए.
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