इस वर्ष शारदीय नवरात्र 11 अक्तूबर से आरंभ हो रहा है, जो पूरे 10 कैलेंडर दिनों तक मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, बीते 50 वर्षों में यह केवल छठवीं बार है जब ऐसा दुर्लभ संयोग बना है। काशी के विद्वान ज्योतिषियों के अनुसार, जब कोई तिथि एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय के बाद तक समाप्त नहीं होती, तो वह लगातार दो दिन उदयातिथि मानी जाती है। अष्टमी की तिथि दो दिन पड़ने से नवरात्र की कुल अवधि में एक अतिरिक्त दिन जुड़ गया है, इसलिए इस बार नवरात्र 10 दिनों का होगा।

बीएचयू ज्योतिष विभाग के ज्योतिषाचार्य प्रो. सुभाष पांडेय के अनुसार, नवरात्र के पहले दिन चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग का संयोग बन रहा है। इस कारण देवी आराधना के लिए कलश स्थापना अभिजीत मुहूर्त में करना सर्वश्रेष्ठ रहेगा। घटस्थापना का सबसे शुभ समय दोपहर 11:37 बजे से 12:23 बजे तक रहेगा।

