LPU Students Protest: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) से जुड़े विवाद के बीच कॉलेज कैंपस में छात्राओं की सुरक्षा और शिकायत व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं. ऐसे मामलों में किसी घटना या आरोप की पुष्टि से अलग यह जानना जरूरी है कि अगर किसी छात्रा के साथ छेड़खानी, यौन उत्पीड़न या पीछा करने जैसी घटना होती है तो उसके पास शिकायत के कौन-कौन से रास्ते हैं और कॉलेज प्रशासन की क्या जिम्मेदारी बनती है.
सबसे पहले क्या करे छात्रा?

अगर छात्रा के साथ कैंपस में ऐसी घटना होती है जिससे वह असुरक्षित महसूस कर रही है तो सबसे पहले सुरक्षित जगह पर जाना जरूरी है. छात्राएं मुश्किल या आपात स्थिति में पुलिस की मदद के लिए 112 पर कॉल कर सकती हैं और उनके लिए 181 महिला हेल्पलाइन की सुविधा भी उपलब्ध है.
छात्राओं को घटना से जुड़े सबूत- जैसे चैट, मेसेज, फोटो, वीडियो या अन्य डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना चाहिए. इसके अलावा घटना की तारीख, समय, जगह और घटनास्थल पर मौजूद लोगों की जानकारी भी नोट करके रखी जा सकती है.
कॉलेज में कहां शिकायत करें?

उच्च शिक्षण संस्थानों में यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों के लिए Internal Complaints Committee (ICC) की व्यवस्था का प्रावधान है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में ऐसी शिकायतों के निपटारे के लिए ICC का गठन करना जरूरी है.
इसलिए छात्राओं को अपने कॉलेज की वेबसाइट, छात्र पोर्टल या प्रशासन से ICC की जानकारी और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया जरूर पता करनी चाहिए. अगर मामला आपराधिक प्रकृति का है तो कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति की प्रक्रिया के अलावा पुलिस से शिकायत करना भी महत्वपूर्ण हो सकता है.
छेड़खानी को हल्के में क्यों न लें?

भारतीय न्याय संहिता (BNS) में यौन उत्पीड़न से जुड़े कई कृत्यों को अपराध के तौर पर परिभाषित किया गया है. इसमें बिना इच्छा के यौन प्रकृति का शारीरिक संपर्क, अश्लील कंटेंट दिखाना और अनुचित या यौन रूप से अश्लील टिप्पणियां शामिल हैं. इसलिए किसी छात्रा को यह सोचकर चुप रहने की जरूरत नहीं कि मामला ‘छोटी बात’ है.
कॉलेज प्रशासन की क्या जिम्मेदारी है?

ऐसे मामलों में कॉलेज प्रशासन की जिम्मेदारी केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है. संस्थान को शिकायत के लिए स्पष्ट और आसानी से उपलब्ध व्यवस्था रखनी चाहिए, ICC की जानकारी छात्रों तक पहुंचानी चाहिए और कैंपस में सुरक्षित माहौल बनाने के लिए जरूरी सुरक्षा व जागरूकता उपाय करने चाहिए. UGC ने उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए महिलाओं की सुरक्षा, सुरक्षित माहौल और शिकायत निवारण से जुड़े दिशानिर्देश भी जारी किए हैं.
सबसे जरूरी बात ये है कि शिकायत करने वाली छात्रा की गोपनीयता, सम्मान और सुरक्षा का ध्यान रखा जाए और शिकायत को गंभीरता से लिया जाए. किसी भी छात्रा को शिकायत करने के लिए शर्मिंदा या हतोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए.
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