लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

ईरान से डील पर फाइनल बातचीत से पहले ट्रंप की धमकी, कहा- ‘जो हम चाहते हैं और हमें नहीं मिला तो…’

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

US Iran Talks: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ चल रही बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और दोनों देशों के बीच एक संभावित समझौते की संभावना बन रही है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी समझौते की सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह होगी कि ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा.

फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वार्ता आगे बढ़ रही है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए सबसे बड़ी गारंटी यह है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे और उन्होंने इस बात पर सहमति जताई है.’

‘बहुत अच्छे समझौते के करीब हैं’

डोनाल्ड ट्रंप ने वार्ता को लेकर आशावाद जताते हुए कहा कि जल्दबाजी में कोई अच्छा समझौता नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि धैर्य के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है और अमेरिका अपनी अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम हासिल करने की दिशा में बढ़ रहा है.

ट्रंप ने कहा, ‘हम एक बहुत अच्छे समझौते के करीब हैं. यदि आप जल्दबाजी करेंगे तो अच्छा समझौता नहीं कर पाएंगे. धीरे-धीरे हम उस दिशा में बढ़ रहे हैं जो हम चाहते हैं. अगर हमें वह नहीं मिला जो हम चाहते हैं, तो हम इसे किसी दूसरे तरीके से समाप्त करेंगे.’

तनाव के बीच जारी है कूटनीतिक प्रयास

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले कई महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है. इसके बावजूद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक समाधान तलाशने की कोशिशें जारी हैं और बातचीत के जरिए समझौते का रास्ता खोजा जा रहा है.

ईरानी सेना को पूरी तरह निशाना नहीं बनाया गया

इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य संरचना को पूरी तरह नष्ट करने के बजाय सीमित कार्रवाई की रणनीति अपनाई थी. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना और वायुसेना को गंभीर नुकसान पहुंचाया, लेकिन सेना के कुछ हिस्सों को जानबूझकर पूरी तरह निशाना नहीं बनाया गया क्योंकि उन्हें अपेक्षाकृत संतुलित और मध्यम रुख वाला माना गया.

ट्रंप ने कहा, ‘उनकी नौसेना पूरी तरह खत्म हो चुकी है, सौ प्रतिशत. उनकी वायुसेना भी पूरी तरह खत्म हो चुकी है. लेकिन हमने उनकी सेना को कुछ हद तक छोड़ दिया, क्योंकि हमें लगता है कि सेना का एक हिस्सा अपेक्षाकृत मध्यम सोच रखता है.’

‘हर चीज खत्म कर देना हमेशा सही रणनीति नहीं’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि किसी देश की पूरी व्यवस्था को खत्म कर देना लंबे समय में गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है. उन्होंने कहा कि युद्धों में अतीत में ऐसी गलतियां हुई हैं, जिनके कारण संबंधित देश दशकों तक सामान्य स्थिति में नहीं लौट पाए.

ट्रंप ने कहा, ‘हमने उनके नेतृत्व के विभिन्न हिस्सों को निशाना बनाया, लेकिन सेना को पूरी तरह नहीं छुआ. लोगों को यह सुनकर आश्चर्य होगा. युद्धों में ऐसी गलतियां हुई हैं जहां सब कुछ खत्म कर दिया गया और फिर वह देश 40 वर्षों तक दोबारा खड़ा नहीं हो सका. आप इराक का उदाहरण देख सकते हैं.’

]
Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

‘ट्रंप के हस्ताक्षर की कोई वैल्यू नहीं’, ईरान और अमेरिका के बीच MoU टूटने पर भड़के मुज्तबा खामेनेई

जॉर्डन में 2 सैनिकों की मौत पर भड़का अमेरिका, ईरान पर फिर शुरू कर दी एयरस्ट्राइक, कहा- ‘हमारा मकसद IRGC को…’

अमेरिका से जंग के बीच ईरान में होगा तख्तापलट? कट्टरपंथियों की पेजेश्कियान-अराघची को धमकी, कहा- ‘हमारे हाथ में ब्लेड और आपका…’

चीन पाकिस्तान को क्यों नहीं दे रहा J-35 फाइटर जेट, अमेरिका या भारत क्या है बड़ा कारण

ईरान ने अमेरिका के साथ फिर शुरू की जंग तो भड़का पाकिस्तान, एक्सपर्ट बोले- ‘ये ताकत नहीं, बल्कि…’

ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने किसके कहने पर पाकिस्तान को बख्शा? इमरान खान की बहन का बड़ा दावा

Leave a Comment