US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि शनिवार शाम 6 बजे (ईस्टर्न टाइम) राष्ट्रपति के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू किए. इन हमलों का मकसद होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने वाली ईरानी क्षमताओं को कमजोर करना और जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमला करने वाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कार्रवाई का जवाब देना है.
Today at 6 p.m. ET, U.S. forces began launching new airstrikes against Iran at the Commander in Chief’s direction. The strikes are designed to further degrade Iran’s ability to threaten commercial shipping in the Strait of Hormuz and swiftly punish Islamic Revolutionary Guard…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 18, 2026
जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत, एक लापता
जॉर्डन में 17 जुलाई को ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों के दौरान दो अमेरिकी सैनिक मारे गए. वहीं, एक अन्य सैनिक अब भी लापता है. सैनिकों की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है. सेना ने कहा है कि परिजनों को आधिकारिक सूचना देने के 24 घंटे बाद ही उनके नाम जारी किए जाएंगे.
घायल सैनिकों की क्या है स्थिति?
अमेरिकी सेना ने बताया कि हमले के बाद चार सैनिकों को इलाज के लिए जॉर्डन के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था. अब सभी चारों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. वहीं, मामूली रूप से घायल अन्य सैनिक इलाज के बाद दोबारा ड्यूटी पर लौट चुके हैं. इन घटनाओं के बाद युद्ध शुरू होने से अब तक मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या 16 हो गई है, जबकि 430 से अधिक सैनिक घायल हो चुके हैं.
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ईरान की नई चेतावनी
इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका अपने हमले जारी रखता है तो उसे “ऐसा सबक मिलेगा जिसे वह कभी नहीं भूलेगा.” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर वाले किसी भी समझौते की अब कोई वैधता नहीं रह गई है.
लगातार सातवीं रात अमेरिकी कार्रवाई
अमेरिकी सेना ने बताया कि शनिवार को उसने ईरान में निगरानी केंद्रों, सैन्य लॉजिस्टिक्स ढांचे, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया. यह लगातार सातवीं रात है जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है.
ईरान का पलटवार
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने कुवैत, इराक, बहरीन, जॉर्डन और सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. सबसे अधिक नुकसान कुवैत में हुआ, जहां एक समुद्री जल शोधन संयंत्र और एक तेल सुविधा को नुकसान पहुंचने की खबर है. इन घटनाओं के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है तथा कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं.

