उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद इस वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम पिछले वर्ष की तुलना में तीन दिन पहले 23 अप्रैल को घोषित करेगा। परिणाम बृहस्पतिवार शाम चार बजे निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. महेंद्र देव और परिषद के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी किया जाएगा।
इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में कुल 53,37,778 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें 25,23,112 छात्राएं, 28,14,612 छात्र और 54 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। पिछले वर्ष परिणाम 25 अप्रैल को घोषित किया गया था। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक चलीं।
इस बार परीक्षाएं 15 दिन में संपन्न हुईं, जबकि वर्ष 2025 में यह अवधि 12 दिन थी। परीक्षा के लिए प्रदेश भर में 8033 केंद्र बनाए गए थे। हाईस्कूल में करीब 26 लाख और इंटरमीडिएट में लगभग 24.50 लाख छात्रों ने परीक्षा दी। विशेष रूप से जेलों में बंद 176 हाईस्कूल और 184 इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों ने भी परीक्षा में हिस्सा लिया।
सचिव भगवती सिंह ने बताया कि परीक्षा परिणाम परिषद मुख्यालय से घोषित किया जाएगा और छात्र अपना रिजल्ट माध्यमिक शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकेंगे।
परीक्षा केंद्रों और विद्यालयों का आंकड़ा
वर्ष 2026 की परीक्षा के लिए 596 राजकीय, 3453 अशासकीय सहायता प्राप्त और 3984 स्ववित्त पोषित विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया। वहीं, प्रदेश में कुल विद्यालयों में करीब 4512 एडेड, 2420 राजकीय और लगभग 22,300 वित्त विहीन स्कूल शामिल रहे।
50 लाख से अधिक छात्रों ने दी परीक्षा
इस वर्ष बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च के बीच प्रदेश के 8033 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण एवं नकल विहीन वातावरण में संपन्न हुई। हाईस्कूल में लगभग 26.02 लाख और इंटरमीडिएट में 24.91 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए, जो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के व्यापक दायरे को दर्शाता है।
रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ मूल्यांकन कार्य
परीक्षाओं के सफल आयोजन के बाद 254 मूल्यांकन केंद्रों पर लगभग 2.75 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से चार अप्रैल के बीच मात्र 15 कार्य दिवसों में पूरा किया गया। इस बार परिणाम को त्रुटिहीन बनाने के लिए प्रधानाचार्यों और वरिष्ठ प्रवक्ताओं को अंकेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।
छात्रों के लिए स्क्रूटनी और कंपार्टमेंट की सुविधा
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि परिणाम के बाद यदि किसी छात्र को अपने अंकों को लेकर संतोष न हो तो उसे निराश होने की आवश्यकता नहीं है। बोर्ड के द्वारा स्क्रूटनी और कंपार्टमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों का मनोबल बनाए रखें और उन्हें सकारात्मक सहयोग दें।
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