मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली हावी रही। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में करीब आधा फीसदी की कमी आई। कच्चे तेल के बढ़ते दाम और रुपये में कमजोरी से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को गहरे लाल निशान में फिसल गया।
प्रमुख सूचकांकों पर क्या असर पड़ा?
सेंसेक्स 388 अंक से अधिक गिरकर 78,154 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 में 112 अंक से ज्यादा की गिरावट आई। निफ्टी सत्र के अंत में 24,472 पर समाप्त हुआ, जो 24,500 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे है। सेंसेक्स 0.49 फीसदी की गिरावट के साथ 78,154.25 पर बंद हुआ। निफ्टी 0.46 फीसदी की कमी के साथ 24,471.70 पर समाप्त हुआ। यह दोनों प्रमुख सूचकांकों के लिए एक नकारात्मक सत्र रहा। निवेशकों ने सतर्कता बरती और अपने निवेश में मुनाफावसूली की।
व्यापक बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 लाल निशान में बंद हुआ। जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 हरे निशान में रहा। टाटा कंज्यूमर के शेयरों में तीन फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अल्ट्राटेक के शेयर भी दो फीसदी नीचे गिरे।
बाजार में गिरावट के मुख्य कारण क्या रहे?
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के कई कारण सामने आए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे चिंताएं बढ़ी हैं। भारतीय रुपये का मूल्य भी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है। इन वैश्विक और घरेलू कारकों ने निवेशकों के उत्साह को कम किया। इसके चलते बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया और सूचकांक नीचे आए।

