मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर प्रखंड क्षेत्र स्थित भीम बांध के सोनरवा गांव में पिछले एक महीने से नल-जल योजना बंद पड़ी है। भीषण गर्मी और उमस के बीच गांव के लोग शुद्ध पेयजल के लिए परेशान हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि ग्रामीण नदी का पानी लाकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं। विभाग को कई बार शिकायत देने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी है। गुरुवार को ग्रामीणों ने पानी टंकी के सामने विरोध प्रदर्शन भी किया।
एक महीने से बंद है नल-जल योजना
मामला गंगटा पंचायत अंतर्गत पर्यटन स्थल केंद्र भीम बांध के वार्ड संख्या 12 स्थित सोनरवा गांव का है। यहां करीब 300 की आबादी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक महीने से नल-जल योजना पूरी तरह बंद है, जिससे गांव में पेयजल संकट गहरा गया है।
उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच लोगों को पानी के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण नदी से पानी लाकर घरों में इस्तेमाल कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
लगातार समस्या बने रहने और विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर गुरुवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव के लोगों ने पानी टंकी के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और जल्द पानी आपूर्ति बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
वार्ड सदस्य ने उठाए सवाल
वार्ड सदस्य संतन कुमार सिंह ने बताया कि नल-जल योजना को लेकर डीसीसी में शिकायत भी की गई है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह विधानसभा क्षेत्र में अगर यह हाल है, तो बाकी क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नदी का पानी पीने को मजबूर लोग
ग्रामीण सुमित कोड़ा, राशि कोड़ा, जितिया देवी, किरण देवी, सुमन देवी, जय मंती देवी और माला देवी ने बताया कि गांव में शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भीम बांध नदी से पानी लाकर ही घर की जरूरत पूरी की जा रही है। लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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विभाग ने जल्द समाधान का दिया भरोसा
इस मामले में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के एसडीओ तपेश्वर साफी ने बताया कि सोनरवा गांव में सोलर पैनल के जरिए नल-जल योजना की सप्लाई होती है। उन्होंने कहा कि तकनीकी खराबी को ठीक करने के लिए झारखंड के रांची से मिस्त्री बुलाया गया है और एक-दो दिन के अंदर समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।


