चीन की गुओ हान्यू और फ्रांस की क्रिस्टीना म्लादेनोविक की जोड़ी ने रविवार को विंबलडन 2026 महिला युगल का खिताब अपने नाम कर लिया। दसवीं वरीयता प्राप्त इस जोड़ी ने फाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त कनाडा की गैब्रिएला डाब्रोव्स्की और ब्राजील की लुइसा स्टेफनी को 6-3, 7-5 से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। दोनों खिलाड़ियों की जोड़ी के रूप में यह पहला ग्रैंड स्लैम खिताब है।
पहले सेट में पूरी तरह हावी रहीं गुओ और म्लादेनोविक
फाइनल मुकाबले में गुओ हान्यू और क्रिस्टीना म्लादेनोविक ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। दोनों ने पहले सेट में 5-0 की बढ़त बना ली। हालांकि डाब्रोव्स्की और स्टेफनी ने लगातार तीन गेम जीतकर वापसी की कोशिश की, लेकिन वे सेट नहीं बचा सकीं और 6-3 से हार गईं।
दूसरे सेट में रोमांचक मुकाबला
दूसरे सेट में दोनों जोड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने कई बार बढ़त बनाने का प्रयास किया, लेकिन म्लादेनोविक के दमदार फोरहैंड और दोनों खिलाड़ियों के शानदार तालमेल ने मुकाबला बराबरी पर बनाए रखा। 5-5 की बराबरी पर गुओ हान्यू ने शानदार क्रॉस-कोर्ट बैकहैंड विनर लगाकर निर्णायक ब्रेक हासिल किया। इसके बाद म्लादेनोविक ने अपने सर्विस गेम में संयम बनाए रखते हुए फोरहैंड विनर के साथ मैच और खिताब अपने नाम कर लिया।
गुओ का पहला, म्लादेनोविक का सातवां ग्रैंड स्लैम डबल्स खिताब
यह जीत दोनों खिलाड़ियों के लिए बेहद खास रही। गुओ हान्यू ने अपने पहले ही ग्रैंड स्लैम फाइनल में खिताब जीतने का कारनामा किया। वहीं 34 वर्षीय क्रिस्टीना म्लादेनोविक ने अपने करियर का सातवां महिला युगल ग्रैंड स्लैम खिताब जीता। इससे पहले वह 2018 से 2022 के बीच छह ग्रैंड स्लैम महिला युगल खिताब अपने नाम कर चुकी हैं।
जीत के बाद भावुक दिखीं दोनों खिलाड़ी
खिताब जीतने के बाद गुओ हान्यू ने अपनी जोड़ीदार की तारीफ करते हुए कहा, ‘मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हूं कि आप मेरी जोड़ीदार हैं। मुझ पर भरोसा करने और मुझे चुनने के लिए आपका धन्यवाद।’ वहीं क्रिस्टीना म्लादेनोविक ने कहा, ‘पिछले साल चोट के कारण मेरी कोई रैंकिंग नहीं थी, लेकिन गुओ ने बिना किसी हिचकिचाहट के मेरे साथ जोड़ी बनाई। आज उनके साथ यहां खड़े होकर यह ट्रॉफी जीतना मेरे लिए बेहद गर्व की बात है।’


