पश्चिम एशिया संघर्ष का कूटनीतिक हल निकालने की कोशिशें अब कामयाब होती दिख रही हैं। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान संवर्धित यूरेनियम को लेकर अपनी जिद छोड़ने को तैयार है। माना जा रहा है कि
अमेरिका और ईरान के बीच हफ्तों से चल रही वार्ता का नतीजा अब एक समझौते के करीब पहुंच गया है।

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले इस समझौते में 60 दिवसीय युद्धविराम का विस्तार शामिल हो सकता है। हाल ही में ईरान और पाकिस्तान ने अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी बातचीत में प्रगति होने के संकेत दिए थे, जिससे इस समझौते पर सहमति बनने की संभावना नजर आ रही है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर खुलने के आसार
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की दिशा में एक समझौते के करीब पहुंच गया है। हालांकि, उन्होंने कोई विवरण नहीं दिया था। माना जा रहा है कि इस प्रस्तावित समझौते से भविष्य में तनाव बढ़ने पर रोक लग सकती है और ऊर्जा आपूर्ति में अस्थायी राहत मिलने की संभावना है।
हालांकि, ईरानी मीडिया ने ट्रंप के दावे पर आपत्ति जताई है। ईरान ने रविवार को ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया कि प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य अपनी पिछली स्थिति में लौट आएगा। ईरान की अर्ध-आधिकारिक फार्स समाचार एजेंसी ने कहा कि तेहरान होर्मुज पर नियंत्रण बनाए रखेगा। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने केवल गुजरने वाले जहाजों की संख्या को पूर्व-युद्ध स्तर पर लौटने की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की है।
60 दिवसीय शांति समझौते के प्रमुख पहलू क्या हैं?
- होर्मुज जलडमरूमध्य: ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल है। यह एक महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग है जिसे ईरान ने 28 फरवरी से बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हलचल मची हुई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 60 दिनों की अवधि के दौरान जलडमरूमध्य बिना किसी टोल के खोला जाएगा और तेहरान जलडमरूमध्य में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने पर सहमत होगा।
- ईरान का परमाणु कार्यक्रम: एक रिपोर्ट के अनुसार इस सौदे में ईरान द्वारा अपने संवर्धित यूरेनियम को छोड़ने की स्पष्ट प्रतिबद्धता शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि ईरान अपने यूरेनियम भंडार को किस तरह सौंपेगा। इस मुद्दे पर आगे होने वाली परमाणु वार्ता में चर्चा की जाएगी।
- तीन चरणों में शांति: प्रस्तावित शांति वार्ता तीन चरणों में सामने आएगी। इसमें पश्चिम एशिया संघर्ष को औपचारिक रूप से समाप्त करना, होर्मुज जलडमरूमध्य संकट का समाधान करना और एक व्यापक समझौते पर बातचीत के लिए 30-दिवसीय बातचीत शुरू करने की कोशिश की जाएगी।
- ईरानी तेल की बिक्री: होर्मुज को फिर से खोलने की अमेरिकी मांग के बदले में, ईरानी पक्ष ने जलडमरूमध्य की निगरानी, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी को खत्म करने और ईरानी तेल बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की मांग की है।
- ईरान के विदेशी धन: ईरान ने अपने विदेशी धन को जब्ती से मुक्त करने की भी मांग की है। हालांकि, इस पर अमेरिका ने कहा है कि यह केवल ठोस रियायतों के बाद ही संभव होगा।
- लेबनान में लड़ाई भी हो खत्म: समझौते में यह भी स्पष्ट किया गया है कि लेबनान में इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच युद्ध खत्म किया जाए। बीते दिनों बेरूत पर इस्राइली हमले ने इस शांति योजना को खतरे में डाल दिया था। अमेरिका ने कहा था कि अगर हिजबुल्ला फिर से हथियार जुटाने या हमले भड़काने की कोशिश करता है तो तेल अवीव को कार्रवाई करने की अनुमति दी जाएगी।
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समझौते पर क्या है ईरान का रुख?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका और तेहरान के बीच मध्यस्थता की वार्ताओं में मतभेद गहरे और महत्वपूर्ण बने हुए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि एक औपचारिक समझौते की राह में अभी भी बड़ी बाधाएं हैं।

