नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे पुंछ जिले के सावजियां सेक्टर में मंगलवार देर शाम सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान के दौरान एक संदिग्ध आतंकी ठिकाना ध्वस्त कर दिया। मौके से पीका राइफल की 225 गोलियां बरामद कीं। बरामदगी के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि यह ठिकाना किस आतंकी संगठन द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था और गोलियों को कब से वहां छिपाकर रखा गया था।
सूत्रों के अनुसार सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर मंडी तहसील के सावजियां सेक्टर स्थित गढ़ंगा इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अभियान के दौरान घने जंगल में एक संदिग्ध ठिकाना मिला। तलाशी लेने पर वहां से पीका राइफल की 225 गोलियां बरामद हुईं। इसके बाद सुरक्षाबलों ने ठिकाने को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
अधिकारियों का कहना है कि बरामद गोलियों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान भी जारी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कहीं और हथियार, विस्फोटक या अन्य संदिग्ध सामग्री छिपी न हो।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार एलओसी से सटे पुंछ और राजौरी के जंगलों में समय-समय पर तलाशी अभियान चलाए जाते हैं। हाल के महीनों में कई स्थानों से हथियार, गोला-बारूद और आतंकी ठिकाने बरामद होने के बाद सुरक्षा बल लगातार सतर्कता बरत रहे हैं। इस बरामदगी को भी क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
तो इसलिए संवेदनशील है पुंछ का सावजियां सेक्टर
पुंछ जिला जम्मू-कश्मीर के सबसे संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में शामिल है। सावजियां, मेंढर, कृष्णा घाटी और बालाकोट सेक्टर नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे हैं, जहां पहले घुसपैठ, आतंकियों की आवाजाही और सीमा पार से गोलाबारी की घटनाएं होती रही हैं। घने जंगल, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाका और प्राकृतिक गुफाएं आतंकियों के लिए अस्थायी ठिकाने बनाने में सहायक मानी जाती हैं।
इसी वजह से सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर संयुक्त तलाशी अभियान चलाती हैं। हाल के वर्षों में सुरक्षाबलों ने इस क्षेत्र से कई बार हथियार, गोला-बारूद, आईईडी और आतंकी ठिकाने बरामद कर उन्हें ध्वस्त किया है। सुरक्षा एजेंसियां इसे घुसपैठ के संभावित मार्गों में से एक मानते हुए यहां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
