पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने मंत्रिमंडल के विभागों का बंटवारा कर दिया है। सोमवार को हुई इस अहम घोषणा में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस बंटवारे में दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल जैसे बड़े चेहरों को महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं, जिससे राज्य के विकास की रूपरेखा तय होगी।

| मंत्री का नाम | विभाग / मंत्रालय |
| दिलीप घोष | ग्रामीण विकास (पंचायत) और प्राणी विकास विभाग |
| अग्निमित्रा पॉल | महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय, नगर निगम |
| निशीथ प्रमाणिक | उत्तर बंगाल विकास विभाग, युवा कल्याण एवं खेल विभाग |
| क्षुदीराम टुडू | आदिवासी विकास मंत्रालय |
| अशोक कीर्तनिया | खाद्य विभाग |
दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल को कौन से विभाग मिले?
मुख्यमंत्री ने अपनी कैबिनेट में विभागों का वितरण करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष को ग्रामीण विकास (पंचायत) और प्राणी विकास विभाग की कमान सौंपी है। वहीं, अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय के साथ-साथ नगर निगमों का महत्वपूर्ण प्रभार भी दिया गया है। इन दोनों नेताओं को अहम पद देकर सरकार ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं।
खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे मिली?
मंत्रिमंडल में उत्तर बंगाल के विकास को भी विशेष तवज्जो दी गई है। निशीथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास विभाग का मंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें युवा कल्याण और खेल विभाग का जिम्मा भी सौंपा गया है। इससे उत्तर बंगाल के इलाकों में विकास कार्यों को तेजी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
आदिवासी विकास का जिम्मा किसे सौंपा गया?
राज्य के आदिवासी समाज के विकास के लिए भी सरकार ने खास ध्यान रखा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने क्षुदीराम टुडू को आदिवासी विकास मंत्री नियुक्त किया है। उनका मुख्य काम आदिवासी बहुल क्षेत्रों में योजनाओं को पहुंचाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना होगा।
खाद्य विभाग की जिम्मेदारी किसे दी गई?
कैबिनेट के इस विस्तार में अशोक कीर्तनिया को भी अहम भूमिका दी गई है। उन्हें खाद्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके कंधों पर राज्य में खाद्य आपूर्ति को सुचारू रखने और राशन व्यवस्था को ठीक करने का काम होगा। इस तरह सभी मंत्रियों को उनके विभाग सौंप दिए गए हैं।
नई सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक कब?
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अगले सोमवार को नई सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक करेंगे। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में महंगाई भत्ता (डीए), सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों, विभिन्न सरकारी करों में राहत, महिला हिंसा के मामलों में सख्ती और संस्थागत भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। उनका कहना है कि नई सरकार शुरुआती चरण में ही प्रशासनिक सुधार और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट संदेश देना चाहती है। खासतौर पर डीए और वेतन आयोग को लेकर राज्य सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर निर्णय संभव माना जा रहा है। इसके अलावा महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में विशेष निगरानी तंत्र और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए नई व्यवस्था पर भी चर्चा हो सकती है।
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