महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन परिसर में संचालित पांच खाद्य आउटलेट के लाइसेंस निलंबित किए हैं। इसके अनुसार, जांच में भोजन की सफाई, भंडारण, रेफ्रिजरेशन, तापमान नियंत्रण और सैनिटाइजेशन से जुड़ी कमियां सामने आईं। जिन आउटलेट पर कार्रवाई हुई, उनमें परमिट रूम, पवेलियन, मेडिटेरेनियन, ओरिएंटल स्विंग और क्लबवे एंड पेस्ट्री काउंटर शामिल हैं। एफडीए ने 20 अगस्त को इन प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया था।
परमिट रूम और पवेलियन में क्या खामियां मिलीं?
परमिट रूम की रसोई के रेफ्रिजरेटर में बर्फ जमी मिली। रसोई के पास फर्श गंदा और फिसलन भरा था तथा तापमान नियंत्रण भी ठीक नहीं था। कुछ कच्ची सामग्री खराब हालत में मिली। भोजन के भंडारण और उसे संभालने में भी कमियां पाई गईं। इसके अलावा खाद्य सामग्री के संपर्क में आने वाली पैकेजिंग के लिए जरूरी प्रमाणपत्र नहीं थे और खाना पकाने के तेल की नियमित जांच नहीं की जा रही थी। पवेलियन में भी रेफ्रिजरेटर की सफाई, खाद्य पदार्थों को अलग रखने, तापमान नियंत्रण और जमे हुए भोजन को सही तरीके से पिघलाने में खामियां मिलीं।
मेडिटेरेनियन, ओरिएंटल स्विंग और क्लबवे में क्या मिला?
मेडिटेरेनियन में खाद्य उपकरणों की पर्याप्त सफाई नहीं थी। जमे हुए खाद्य पदार्थों को सही तरीके से पिघलाने, ठंडा करने और कच्चे माल को संभालने में भी कमियां मिलीं। ओरिएंटल स्विंग में रेफ्रिजरेशन सिस्टम का कैलिब्रेशन ठीक नहीं था। रसोई का फर्श गंदा था और छत के कुछ हिस्सों में प्लास्टर या पेंट खराब था। क्लबवे एंड पेस्ट्री काउंटर में काम करने की जगह कम थी, कच्चा भोजन गलत तरीके से रखा गया था और एक खाद्य कर्मचारी के पास दस्ताने नहीं थे। धूल, गंदगी और कीड़ों को भोजन तैयार करने वाली जगह में जाने से रोकने के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं मिले।
राज्यभर में कितने प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई?
एफडीए के अनुसार, राज्यभर में चलाए गए अभियान के दौरान 45 होटल, रेस्तरां, भोजनालय और ढाबों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 33 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस दिए गए और 25 जगह छापेमारी की गई। कुल 11 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या पंजीकरण पर कार्रवाई हुई। एमसीए के पांच आउटलेट के अलावा माहिम के लेनेक्सिस फूडवर्क्स, शिवाजी पार्क के कैडेल कैफे, मुलुंड के चाइना टाउन फास्ट फूड सेंटर, पुणे के मोरया मिसल और नागपुर के साओजी उपहार गृह पर भी कार्रवाई की गई।
चाइना टाउन और मोरया मिसल में क्या गड़बड़ी मिली?
चाइना टाउन फास्ट फूड सेंटर का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। इसके अनुसार, वहां कृत्रिम रंग और एमएसजी का अधिक इस्तेमाल, अत्यधिक ऑक्सीकृत खाना पकाने का तेल, कॉकरोच की मौजूदगी और अस्वच्छ तरीके से खाद्य पदार्थ रखने जैसी कमियां मिलीं। शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के बीच क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा भी पाया गया। वहीं, पुणे के मोरया मिसल में खाने में कृत्रिम रंग के इस्तेमाल के साथ-साथ एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों को रखने और इस्तेमाल करने की बात सामने आई। कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब महाराष्ट्र में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच तेज की गई है।


