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फीफा विश्वकप 2026 के ग्रुप चरण में कई बड़े मुकाबले देखने को मिले हैं, लेकिन फ्रांस और नॉर्वे के बीच होने वाले ग्रुप-आई के मुकाबले को लेकर उत्साह अलग ही स्तर पर है। दोनों टीमें पहले ही राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं, इसलिए बोस्टन स्टेडियम में होने वाला यह मैच ग्रुप-आई में शीर्ष स्थान तय करने वाला मुकाबला बन गया है।
हालांकि इस मैच की सबसे बड़ी कहानी दो सुपरस्टार स्ट्राइकर्स, किलियन एमबाप्पे और एरलिंग हालंद की टक्कर है। दिसंबर में जब विश्वकप का ड्रॉ हुआ था और फ्रांस और नॉर्वे को एक ही ग्रुप में रखा गया था, तभी से फुटबॉल फैंस इस मुकाबले का इंतजार कर रहे थे। अब दोनों खिलाड़ी शानदार फॉर्म में इस मैच में उतर रहे हैं।

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इराक के खिलाफ एमबाप्पे
– फोटो : IANS
टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत
फ्रांस और नॉर्वे दोनों ने अपने शुरुआती दो मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया। दोनों टीमों ने सेनेगल और इराक जैसी टीमों को आसानी से हराया। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि एमबाप्पे और हालंद दोनों ने अपने-अपने पहले दो मैचों में दो-दो गोल किए। यही वजह है कि यह मुकाबला सिर्फ दो टीमों की लड़ाई नहीं, बल्कि दुनिया के दो सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों की सीधी टक्कर बन गया है।

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सेनेगल के खिलाफ हालंद
– फोटो : IANS/FIFA.COM
पहली बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर आमना-सामना
हालंद और एमबाप्पे क्लब फुटबॉल में एक-दूसरे के खिलाफ खेल चुके हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह उनकी पहली भिड़ंत होगी। 25 वर्षीय हालंद अपने पहले विश्वकप का आनंद ऐसे ले रहे हैं जैसे कोई बच्चा पहली बार किसी एंटरनेटमेंट पार्क में पहुंचा हो। दूसरी ओर 27 वर्षीय एमबाप्पे के लिए यह तीसरा विश्वकप है और वह इस मंच के अनुभवी खिलाड़ी बन चुके हैं। एमबाप्पे का विश्वकप रिकॉर्ड बेहद शानदार है। उन्होंने विश्वकप के 16 मैचों में 16 गोल किए हैं। विश्वकप इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में उनसे आगे सिर्फ लियोनल मेसी हैं।

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एर्लिंग हालंद
– फोटो : FIFA.COM
दोनों खिलाड़ियों का सफर अलग-अलग
एमबाप्पे ने 2018 में फ्रांस को विश्व चैंपियन बनाया था और 2022 में उपविजेता रहे थे। इसके अलावा उन्होंने यूरो 2020 और यूरो 2024 में भी फ्रांस को नॉकआउट चरण तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, हालंद पहली बार किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेल रहे हैं। हालांकि, उनके पास एक ऐसी उपलब्धि है जो अब तक एमबाप्पे के पास नहीं है। हालंद 2023 में मैनचेस्टर सिटी के साथ यूईएफए चैंपियंस लीग का खिताब जीत चुके हैं।

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एमबाप्पे
– फोटो : FIFA.COM
दो सुपरस्टार, लेकिन खेलने का अंदाज बिल्कुल अलग
हालांकि, दोनों दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकरों में गिने जाते हैं, लेकिन उनकी खेलने की शैली एक-दूसरे से काफी अलग है। एमबाप्पे अपनी रफ्तार, ड्रिब्लिंग, रचनात्मकता और किसी भी डिफेंस को तोड़ने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। वह खुद गोल करने के साथ-साथ गोल बनाकर देने में भी माहिर हैं। दूसरी तरफ हालंद पेनल्टी बॉक्स के बादशाह माने जाते हैं। ताकत, सीधे आक्रमण, गोल करने की अद्भुत क्षमता और लगातार मौके तलाशने की भूख उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उनकी रफ्तार भी उन्हें बेहद खतरनाक बनाती है।
रिकॉर्ड तोड़ना जैसे आदत बन गई हो
दोनों खिलाड़ी अपने-अपने देशों के सर्वकालिक शीर्ष गोल स्कोरर हैं।
- एमबाप्पे: 100 मैचों में 60 अंतरराष्ट्रीय गोल
- हालंद: 52 मैचों में 59 अंतरराष्ट्रीय गोल
हालंद ने एमबाप्पे की तुलना में लगभग आधे मैच खेलकर ही यह आंकड़ा हासिल किया है। क्लब स्तर पर भी दोनों का दबदबा कायम है। एमबाप्पे पिछले आठ सीजन से लगातार अपने लीग के शीर्ष गोल स्कोररों में शामिल रहे हैं। उन्होंने छह बार लीग-1 और दो बार ला लीगा में यह उपलब्धि हासिल की। वहीं हालंद पिछले चार में से तीन प्रीमियर लीग सीजन में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी रहे हैं।

