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सिर्फ लिट्टी-चोखा नहीं! ये हैं बिहार की 7 ट्रेडिशनल डिशेज, जिन्हें हर फूडी को चखना चाहिए

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Bihar Traditional Dishes: जब भी बिहार के खाने की बात होती है, तो सबसे पहले लोगों के दिमाग में ‘लिट्टी-चोखा’ का नाम आता है. लेकिन बिहार का स्वाद सिर्फ लिट्टी-चोखा तक ही सीमित नहीं है. यहां के व्यंजनों (dishes) का इतिहास सदियों पुराना है और यहां के खान-पान में एक अलग ही देसी खुशबू और सादगी होती है. कम मसालों और शुद्ध घी के मेल से बनने वाली यहां की डिशेज का स्वाद जुबान से उतरता नहीं है. अगर आप एक सच्चे फूडी हैं, तो आपको बिहार की इन 7 पारंपरिक और फेमस डिशेज को अपनी फूड बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए. 

1. लिट्टी-चोखा (Bihar Traditional Dishes)

शुरुआत बिहार की सबसे फेमस पहचान से ही करते हैं. लिट्टी गेहूं के आटे की लोई के अंदर सत्तू, लहसुन, अदरक, हरी मिर्च और सरसों का तेल मिलाकर बनाई जाती है, जिसे कोयले या उपले की आग पर सेंका जाता है. इसके बाद इसे शुद्ध देसी घी में डुबोया जाता है. इसे उबले या भुने हुए बैंगन, आलू और टमाटर के तीखे ‘चोखे’ के साथ परोसा जाता है. इसका हर एक बाइट आपको गजब का स्वाद देता है. 

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2. खाजा

अगर आपको मीठा पसंद है, तो नालंदा के ‘सिलाव’ का मशहूर खाजा आपको बेहद पसंद आएगा. यह एक पारंपरिक मिठाई है जो मैदा, चीनी और घी से बनाई जाती है. मैदे की कई पतली परतों को एक के ऊपर एक रखकर फ्राई किया जाता है और फिर चीनी की चाशनी में डुबोया जाता है. यह मिठाई बाहर से जितनी क्रिस्पी होती है, अंदर से उतनी ही रसीली होती है. 

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3. मालपुआ

वैसे तो मालपुआ भारत के कई हिस्सों में बनता है, लेकिन बिहार में त्योहारों (विशेषकर होली) पर बनने वाले पुए की बात ही कुछ और है. यहां मैदा, पके हुए केले, दूध, चीनी और ड्राई फ्रूट्स का एक गाढ़ा घोल तैयार किया जाता है और फिर उसे देसी घी में डीप-फ्राई किया जाता है. मालपुए को तीखे मटन करी या रसेदार सब्जी के साथ खाने का कॉम्बिनेशन बिहार में बहुत लोकप्रिय है. 

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4. दाल पीठा

इसे आप बिहार का ‘देसी मोमोज’ कह सकते हैं. यह स्वाद के साथ-साथ सेहत से भी भरपूर होता है. दाल पीठा चावल के आटे से बनाया जाता है, जिसके अंदर मसालेदार चने की दाल की स्टफिंग भरी जाती है. इसके बाद इसे भाप में पकाया जाता है. इसे सुबह के नाश्ते में हरी चटनी या आलू की भुजिया के साथ गरमा-गरम खाया जाता है. 

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5. चंपारण मटन या अहुना मटन

नॉन-वेज के शौकीनों के लिए बिहार का चंपारण मटन किसी वरदान से कम नहीं है. इसे ‘अहुना मटन’ या ‘हांडी मटन’ भी कहा जाता है. इसमें मटन को बहुत सारे प्याज, साबुत लहसुन और सरसों के तेल के साथ मिक्स करके मिट्टी के बर्तन में डाला जाता है. फिर हांडी के मुंह को आटे से सील करके धीमी आग पर कोयले पर पकाया जाता है. मिट्टी की सौंधी खुशबू और खड़े मसालों का स्वाद इसे लाजवाब बनाता है. 

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6. ठेकुआ (Thekua)

ठेकुआ बिहार के सबसे बड़े त्योहार ‘छठ पूजा’ का मुख्य महाप्रसाद है. इसे गेहूं के आटे, गुड़ (या चीनी), सौंफ और ढेर सारे देसी घी का मोयन देकर लकड़ी के सांचे पर डिजाइन करके बनाया जाता है. फिर इसे धीमी आंच पर तला जाता है. यह एक क्रिस्पी कुकी की तरह होता है, जो हफ्तों तक खराब नहीं होता और चाय के साथ खाने में बहुत स्वादिष्ट लगता है. 

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7. चना घुघनी (Chana Ghugni)

बिहार में शाम के नाश्ते या सुबह के ब्रेकफास्ट में ‘चना घुघनी’ बेहद पसंद की जाती है. यह काले चने को प्याज, टमाटर और गरम मसालों के साथ भूनकर बनाई जाने वाली एक तीखी और चटपटी डिश है. इसे अक्सर चूड़ा भूंजा या गरमा-गरम कचौरियों के साथ खाया जाता है. 

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