Ips अफसर की मां का कत्ल:आखिर बुजुर्ग संग ऐसा किसने और क्यों किया? घरों के बाहर चर्चा, भीतर सवालों का सिलसिला – Ips Officer Mother Murder Police Unable To Trace Killers Of Ips Officer Mother Four Teams Camp In Village
उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय लखनऊ में तैनात आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की 91 वर्षीय मां इंद्रावती की हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस जुटी हुई है। घटना के दो दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लग सका है। चार विशेष पुलिस टीमें गांव में डेरा डालकर घटना से जुड़े हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र मृतका के शरीर से गायब हुए जेवर और घटना के समय घर के आसपास मौजूद लोगों की गतिविधियां हैं।
मंगलवार को पुलिस ने आईपीएस अधिकारी के घर और आसपास सुरक्षा बढ़ा दी। गांव में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस टीमों ने मृतका की नौकरानी प्यारी देवी समेत परिवार के करीबी रिश्तेदारों और अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की।
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घटना स्थल का निरीक्षण करके बाहर निकलते डीआईजी सोमेन वर्मा व अन्य अधिकारी
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जेवर कब और कैसे गायब हुए तथा उन्हें ले जाने वाला व्यक्ति घर की स्थिति से कितना परिचित था। पुलिस इस संभावना को भी खारिज नहीं कर रही कि वारदात को किसी परिचित अथवा करीबी ने अंजाम दिया हो।
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मालीपुर के रूढ़ा धमरूआ में घटना के बाद जुटी ग्रामीणों की भीड़
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हाईप्रोफाइल मामला होने के कारण जांच में विशेष सावधानी बरती जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती की ओर से मामले पर प्रतिक्रिया दिए जाने के बाद भी पुलिस पर जल्द खुलासा करने का दबाव बढ़ा है।
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इंद्रावती की फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह है पूरा मामला
मालीपुर के रूढ़ा धमरूआ निवासी एसपी आशुतोष मिश्र की मां इंद्रावती (91) पिछले करीब दो सप्ताह से गांव स्थित पैतृक घर पर अकेले रह रहीं थीं। शनिवार शाम को एसपी आशुतोष मिश्रा भी अपनी मां से मिलने आए थे और वापस चले गए थे।
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एसपी आशुतोष मिश्रा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रविवार को दोपहर करीब 3:50 बजे आशुतोष मिश्रा को उनके चाचा सचिंद्र मिश्रा ने फोन कर सूचना दी कि उनकी मां इंद्रावती को हार्ट अटैक आया है और उनकी मौत हो गई है। इंद्रावती के गले से सोने की चेन, सोने के दानों वाली तुलसी की माला, नाक की कील और कान के टप्स गायब थे। पैरों में पहनी जाने वाली पायल भी शव पर नहीं मिली थी।