बिहार में छात्र आंदोलनों और पेपर लीक के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव आज अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ राजभवन मार्च पर निकले हैं। पांच किलोमीटर इस राजभवन मार्च में राजद के सांसद, विधायक, विधान पार्षद समेत सभी वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता शामि हैं। पटना के जेपी गोलंबर पर राजद नेता एकत्र हुए यहां से राजभवन की ओर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, पटना पुलिस ने बैरिकेडिंग कर तेजस्वी और राजद नेताओं को रोक लिया। सभी नेता यहीं डटे हुए हैं। इधर, तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने छात्रों, युवाओं और आम लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की। तेजस्वी ने छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से हुई फायरिंग के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने और पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की।

‘AK-47 चलाने का आदेश किसने दिया, सरकार जवाब दे’
तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से गोली चलाने का आदेश किसने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन में छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और गोलीबारी की गई। उनके मुताबिक सीवान में तीन लोगों को गोली लगी और उनका इलाज पटना के मेदांता अस्पताल में हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि आरोपी जवान के पास AK-47 कैसे पहुंची, हथियार किस यूनिट या शस्त्रागार से जारी हुआ और इसे जारी करने का आदेश किस अधिकारी ने दिया। उन्होंने हथियारों की पूरी कमांड चेन की भूमिका सार्वजनिक करने की मांग की।
‘सिर्फ सिपाही को बलि का बकरा बनाया जा रहा’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि आरोपी सिपाही किस यूनिट में तैनात था और क्या वह जिला पुलिस, एसपी की सुरक्षा, STF या किसी विशेष इकाई से जुड़ा था। उन्होंने पूछा कि भीड़ नियंत्रण के लिए फायरिंग की अनुमति किसने दी और गोली चलाने का आदेश किसने दिया। तेजस्वी ने सीवान के एसपी पर भी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि केवल सिपाही पर कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। उन्होंने एसपी को निलंबित करने, इस्तेमाल किए गए कारतूसों का हिसाब सार्वजनिक करने और हथियारों की तैनाती से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की।
केंद्र और राज्य सरकार पर भी साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के संसद में दिए गए बयान को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि संसद में गोली नहीं चलने की बात कही गई, जबकि बिहार सरकार ने अपने शपथपत्र में फायरिंग होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार छात्रों के मुद्दे पर लोगों को गुमराह कर रही हैं।
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‘बिहार पेपर लीक की राजधानी बन गया’
तेजस्वी ने कहा कि बिहार में बेरोजगारी और पेपर लीक गंभीर समस्या बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल किया कि जिस ‘नए बिहार’ की बात की जाती है, उसमें शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और विकास की स्थिति बेहतर क्यों नहीं हुई। उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में अच्छी शिक्षा, कदाचार मुक्त परीक्षा और भ्रष्टाचार मुक्त विकास अब सपना लगता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों पर AK-47 का इस्तेमाल गंभीर सवाल खड़े करता है।
‘मुख्यमंत्री गोलीकांड पर चुप क्यों हैं?’
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि गोलीकांड पर अब तक चुप्पी क्यों है और न्यायिक जांच का आदेश क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि सीवान के एसपी का सिर्फ तबादला पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें निलंबित किया जाना चाहिए। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि आज के मार्च को रोकने के लिए छात्र नेताओं की गिरफ्तारी की जा रही है। उन्होंने सरकार पर आंदोलन दबाने के लिए अनुचित तरीके अपनाने का आरोप लगाते हुए छात्रों, युवाओं और आम लोगों से बड़ी संख्या में राजभवन मार्च में शामिल होने की अपील की।
