भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने रविवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर शानदार शतक जड़कर आलोचकों को करारा जवाब दिया है। रोहित के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को लेकर कई तरह की अटकलें लग रही थीं। लॉर्ड्स में वनडे शतक बनाने वाले पहले भारतीय बने रोहित शर्मा ने अपने आलोचकों को कड़ा जवाब देते हुए साफ कर दिया कि संन्यास का उनका फिलहाल कोई इरादा नहीं है।

बल्ले से आलोचकों को दिया जवाब
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे मैच से पहले रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थीं। मीडिया में लगातार यह दावे किए जा रहे थे कि लॉर्ड्स में होने वाला यह मुकाबला भारत के लिए उनका आखिरी मैच हो सकता है। हालांकि, भारतीय दिग्गज ने अपने बल्ले से इन सभी अफवाहों का करारा जवाब दिया। मैच से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने भी कहा था कि इन रिपोर्ट्स में कोई सच्चाई नहीं है।
रोहित बोले- जब तक खेलूंगा, शोर बना रहेगा
मैच के बाद बीसीसीआई को दिए गए एक इंटरव्यू में रोहित शर्मा ने कहा, ‘मेरा काम बल्ले से प्रदर्शन करना है। मैदान पर आना, खेलना और अपने देश का प्रतिनिधित्व करना ही मेरा लक्ष्य है। जब से मैंने डेब्यू किया है, मुझे यही करने को कहा गया है और मैं आगे भी यही करता रहूंगा।’ बाहरी शोर और आलोचनाओं को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, जब से मैंने डेब्यू किया है, तब से यह शोर मौजूद है। जब तक मैं खेलता रहूंगा, यह शोर बना रहेगा। इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मेरे लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि मैं मैदान पर क्या करता हूं। मेरा पूरा ध्यान टीम की सफलता में योगदान देने पर है।
लगातार हो रही चर्चाओं और दबाव के सवाल पर रोहित ने अपने बेबाक अंदाज में कहा, अगर शोर नहीं होगा, तो मजा नहीं आएगा। मेरा काम मैदान के अंदर है और उनका (आलोचकों का) काम बाहर है। मैं इस चीज को इसी तरह देखता हूं।
मैच में जीत नहीं दिला पाने का है दुख
रोहित की शतकीय पारी के बावजूद भारत को इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। रोहित टीम के प्रदर्शन से निराश हुए। उन्होंने कहा, नतीजे से थोड़ी निराशा हुई है क्योंकि मुझे लगता है कि हमने अच्छी क्रिकेट खेली थी। बर्मिंघम में हमने काफी अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन कार्डिफ में बल्ले से बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सके। हमने बोर्ड पर उम्मीद के अनुरूप स्कोर खड़ा नहीं किया। लॉर्ड्स में हमारे सामने विशाल लक्ष्य था। बल्ले से हम जो कर सकते थे, हमने पूरी कोशिश की। लेकिन 20-25 रन कम रह गए। अगर बात गेंदबाजी की करूं तो हमें समझना होगा कि इन खिलाड़ियों ने ज्यादा वनडे क्रिकेट नहीं खेला है। उन्हें कुछ समय देने की जरूरत है। उम्मीद है कि हम इस नतीजों से सबक लेंगे और कोशिश करेंगे कि आगे जब भी ऐसी स्थिति में आएं तो बेहतर प्रदर्शन करें।
इंग्लैंड में खेलने पर हिटमैन ने कहा, इसमें कोई शक नहीं है कि मुझे इंग्लैंड में खेलना काफी पसंद है। यहां का माहौल, परिस्थितियां और पिच ऐसी है कि आप किसी भी प्रारूप में यहां खेलोगे तो आपको चुनौती मिलेगी। एक क्रिकेटर के तौर पर आप यही चाहते भी हो। मैं मिडिल ओवरों में समय बिताया और इसका आनंद भी लिया। लेकिन नतीजों से मुझे निराशा हुई। हमने मैच का नतीजा अपने पक्ष में नहीं कर सके। लेकिन हमें इससे आगे बढ़ना होगा और व्यक्तिगत तौर पर नहीं, बल्कि एक ग्रुप के तौर पर देखना होगा कि हम क्या बेहतर कर सकते हैं।
