05:20 PM, 22-Jul-2026

सपा सांसद इकरा हसन का सरकार पर हमला, छात्रों को पीटने के लिए कोई नियम नहीं थे?
वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने कहा कि जब सरकार की बात आती है, तो कोई नियम लागू नहीं होते। तो क्या अपनी मांगें रखने आए छात्रों को पीटने के लिए कोई नियम थे? यह दोहरा रवैया नहीं चलेगा। कल लोकतंत्र के लिए एक काला दिन था। हमने देखा कि कैसे विपक्ष के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और अखिलेश यादव को घसीटा। जो लोग नियमों का पालन नहीं कर सकते, उन्हें इसके बारे में बात नहीं करनी चाहिए। उन्हें इस्तीफा देना ही होगा, आज नहीं तो कल। देश उनकी मर्जी से नहीं चल सकता।
05:19 PM, 22-Jul-2026
सांसद जिया-उर-रहमान ने संसद में चर्चा की भी उठाई बात
समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान ने कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है। पार्टी ने इस मामले पर संसद में चर्चा की भी मांग की है। जो लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें बचाने के बजाय उनके लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
04:34 PM, 22-Jul-2026
मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक की हालत स्थिर
मेदांता अस्पताल की और से सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर रिपोर्ट जारी की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सोनम वांगचुक को बीती शाम गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम उनका इलाज कर रही है। अभी उनकी हालत स्थिर है, वे होश में हैं और उनके वाइटल साइन (जैसे ब्लड प्रेशर, पल्स आदि) सामान्य दायरे में हैं। उन्हें दिया जा रहा सारा इलाज उनकी सहमति से ही किया जा रहा है।
03:56 PM, 22-Jul-2026
दिल्ली हाईकोर्ट ने घटना के सभी सीसीटीवी फुटेज संरक्षित रखने के आदेश दिए
दिल्ली हाईकोर्ट ने घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज और वीडियो संरक्षित रखने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि चार सप्ताह के अंदर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस अपना जवाब दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।
03:34 PM, 22-Jul-2026
सपा का प्रतिनिधिमंडल आज वांगचुक से करेगा मुलाकात
समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आज शाम मेदांता अस्पताल में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मुलाकात करेगा और उनसे अपना अनिश्चितकालीन अनशन खत्म करने की अपील करेगा।
03:13 PM, 22-Jul-2026
जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस के जवान की ‘हार्टअटैक’ से मौत की खबर फर्जी निकली
जंतर-मंतर पर ड्यूटी के दौरान दिल्ली पुलिस के 42 वर्षीय जवान सतीश की हार्टअटैक से मौत होने की खबर बुधवार को सोशल मीडिया और इंटरनेट के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो गई। हालांकि, जांच के बाद यह दावा पूरी तरह फर्जी और भ्रामक निकला। जानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि जंतर-मंतर पर धरने के पास ड्यूटी के दौरान एक पुलिसकर्मी की हार्टअटैक से मौत हो गई। खबर वायरल होने के बाद मामले की विभिन्न स्तरों पर जानकारी जुटाई गई लेकिन कहीं से भी इस घटना की पुष्टि नहीं हुई।
02:39 PM, 22-Jul-2026
सीजेपी ने सोनम वांगचुक से की अनशन समाप्त करने की अपील
सीजेपी ने सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए सोशल मीडिया पर एक पत्र जारी किया। जिसमें लिखा, ‘आपके बलिदान ने एक पीढ़ी को प्रेरित किया है। हम आपसे विनम्रतापूर्वक निवेदन करते हैं कि आप अपना अनशन समाप्त करें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। हम वादा करते हैं कि परीक्षा में न्याय की लड़ाई तब तक और भी अधिक मजबूती से जारी रहेगी जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। हम इस आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।’
02:35 PM, 22-Jul-2026
हम युवाओं के साथ खड़े हैं: अरविंद केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से जब पूछा गया कि क्या आम आदमी पार्टी और शिवसेना (यूबीटी) अलग से संयुक्त विरोध प्रदर्शन करेंगी। तो केजरीवाल ने कहा, “हम इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवाओं के सहयोगी हैं। हमें अलग से विरोध प्रदर्शन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हम युवाओं के साथ खड़े हैं।”
01:48 PM, 22-Jul-2026
सीजेपी का दावा- जेपी नड्डा हमसे बात करना चाहते हैं
वे आगे कहते हैं, “सरकार को हमारी मांगों को मानने का इरादा होना चाहिए। हमें व्यर्थ की चर्चाओं के लिए बुलाने का कोई मतलब नहीं है। हमारा समय कीमती है। हजारों लोग अभी भी प्रदर्शन में भाग ले रहे हैं, और हमें उसे भी संभालना है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह वास्तव में हमसे बातचीत करना चाहती है।’
01:28 PM, 22-Jul-2026
…तब भी दिल्ली पुलिस ने संयम दिखाया: बांसुरी स्वराज
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, ‘सीजेपी और दूसरी पार्टियों ने जो आंदोलन शुरू किया था, उसे स्टूडेंट आंदोलन बताया गया था। इस आंदोलन को लेकर सरकार का रवैया सेंसिटिव रहा है। दिल्ली पुलिस ने उन्हें (अभिजीत दिपके) एयरपोर्ट पर ही परमिशन दे दी थी। वह परमिशन शाम 5 बजे तक वैलिड थी। लेकिन ये प्रोटेस्टर वहीं डटे रहे। उन्होंने 21 दिन तक जंतर-मंतर पर धरना दिया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए कोई एक्शन नहीं लिया। सरकार ने अपने लेवल पर कोई लापरवाही नहीं होने दी और जब तक प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण रहा, उसे चलने दिया। 20 जुलाई को उन्होंने कहा ‘संसद चलो’। लोकतंत्र में इंस्टीट्यूशन की वैल्यू होती है। जब बिना किसी परमिशन के पार्लियामेंट को घेरा गया, तब भी दिल्ली पुलिस ने संयम दिखाया।’

