कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ब्रिक्स की अहमियत बताते हुए कहा कि यह समूह ग्लोबल साउथ के देशों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ में 100 से ज्यादा देश हैं, लेकिन ब्रिक्स में शामिल 11 प्रमुख देश अलग-अलग विचारों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत इस समय ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और ऐसे में इसकी मेजबानी देश के लिए खास महत्व रखती है।

दुनिया की 41 फीसदी जीडीपी का प्रतिनिधित्व
शशि थरूर ने कहा कि 11 ब्रिक्स देश मिलकर दुनिया की ज्यादातर आबादी और वैश्विक जीडीपी के करीब 41 फीसदी हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके मुताबिक, यही वजह है कि ब्रिक्स को दुनिया के बाकी देशों को भी गंभीरता से लेना चाहिए।
भारत के लिए प्रतिष्ठा का बड़ा मौका
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी को थरूर ने भारत के लिए प्रतिष्ठा का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर इस आयोजन की काफी अहमियत है और इसकी मेजबानी करना कोई छोटी बात नहीं है। यह ऐसा आयोजन है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर है।
थरूर ने क्या कहा?
थरूर ने कहा कि करीब एक दर्जन राष्ट्राध्यक्षों और सरकारों के प्रमुखों का सम्मेलन में पहुंचना भी बड़ी बात है। इसमें सिर्फ ब्रिक्स के सदस्य देशों के नेता ही नहीं, बल्कि कुछ पर्यवेक्षक देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी शामिल हो रहे हैं।
थरूर के मुताबिक, इतने देशों के शीर्ष नेताओं को एक मंच पर लाना भारत की कूटनीतिक क्षमता को दिखाता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच पर अलग-अलग देशों को साथ लाने की भारत की यह क्षमता अपने आप में काफी अहम है।
पी चिदंबरम ने क्या कहा था?
बता दें कि बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने हालिया ब्रिक्स शिखर सम्मेलनों से भारत को मिले लाभों पर सवाल उठाया। चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने पिछली दो-तीन बैठकों से कोई खास नतीजा नहीं देखा है।
उन्होंने बताया कि भारत ब्रिक्स, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ), जी20 और क्वाड सहित कई बहुपक्षीय समूहों का हिस्सा है, लेकिन उन्होंने सवाल किया कि इनसे देश को कौन से ठोस लाभ मिले हैं। इस पर भाजपा ने चिदंबरम पर हमला बोलते हुए। उन्हें उन नाराज फूफा लोगों में शामिल बताया जो भारत की प्रगति को पचा नहीं सकते।
पी. चिदंबरम के बयान पर सलमान खुर्शीद ने क्या कहा?
वहीं, पी. चिदंबरम के बयान पर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘चिदंबरम बहुत अनुभवी और गहरी समझ रखने वाले व्यक्ति हैं। हम सभी उनकी बात को बहुत गंभीरता से लेते हैं। अगर वे कोई चेतावनी दे रहे हैं, तो हमें उसे सही भावना से लेना चाहिए। इनमें से कई मल्टीनेशनल ऑर्गनाइजेशन सिर्फ चर्चा कर पाते हैं, लेकिन उनसे कोई नतीजा नहीं निकलता। इसीलिए मैं कह रहा हूं कि हमें लीडरशिप की जरूरत है ताकि ऐसे नतीजे मिलें जिन पर हम गर्व कर सकें। मौजूदा सरकार को चिदंबरम के सुझावों पर ध्यान देना चाहिए।’
विपक्ष को भी तैयारियों में शामिल किया जाना चाहिए था
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद भारत के लिए बड़ी चिंता है और वैश्विक स्तर पर इससे निपटने के लिए और प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने रूस को भारत का पुराना और भरोसेमंद मित्र बताया। खुर्शीद ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में विपक्ष को भी तैयारियों और चर्चाओं में शामिल किया जाना चाहिए था। ईरान, यूएई और चीन की मौजूदगी पर उन्होंने कहा कि मतभेदों के बावजूद सभी 11 देशों को साथ लेकर आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत सम्मेलन में वैश्विक शांति और आतंकवाद के खिलाफ ठोस पहल के लिए माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

