ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत कल (12 सितंबर) से होने जा रही है। इस बार सम्मेलन के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से लेकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, समेत 20 से ज्यादा देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि भारत आ रहे हैं। इनमें कई देश ब्रिक्स के स्थायी सदस्य और कई देश ब्रिक्स के साझेदार के तौर पर शामिल हो रहे हैं। ब्रिक्स का लगातार बढ़ता यह दायरा इसलिए भी दिलचस्प है, क्योंकि पहली बार जब इस संगठन के बारे में सोचा गया था, तब इसके लिए महज तीन देशों का विचार ही आया था। हालांकि, अगले कुछ वर्षों में इस गठबंधन की अवधारणा चार देशों से होते हुए आज असल स्वरूप में 20 देशों तक पहुंच चुकी है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ब्रिक्स का इतिहास क्या है? पहली बार इसका विचार किसे और कैसे आया? कैसे शुरुआत से ही भारत इस तरह के गठबंधन की अवधारणा में शामिल रहा? वह व्यक्ति कौन हैं, जिन्होंने दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था के तौर पर उभर रहीं अर्थव्यवस्थाओं के ब्रिक्स के तौर पर जुड़ने की अवधारणा दुनिया के सामने रखी? कैसे इस अवधारणा के सामने आने के आठ साल बाद ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्ष पहली बैठक के लिए एक साथ जुट गए? आइये जानते हैं…


