डोनाल्ड ट्रंप की ओमान को दी गई धमकी को लेकर अमेरिकी सांसद क्रिस मर्फी ने राष्ट्रपति की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि ये इस बात का संकेत है कि ईरान से जुड़े मौजूद संघर्ष अब बेकाबू हो गए हैं. मर्फी की प्रतिक्रिया तब आई जब ट्रंप ने बुधवार (27 मई 2026) को होर्मुज खोलने को लेकर ईरान के साथ चल रही बातचीत के दौरान ओमान को धमकी देते हुए कहा कि किसी भी देश को इस रणनीतिक जलमार्ग पर नियंत्रण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
एक के बाद एक गलतियां कर रहे ट्रंप- मर्फी
मर्फी ने यह भी जिक्र किया कि ओमान अमेरिका का करीबी सहयोगी है और ईरान के साथ राजनयिक वार्ता में एक प्रमुख मध्यस्थ है. उन्होंने आगे कहा, “वे (ट्रम्प प्रशासन) लगातार घबराहट में हैं और एक के बाद एक गलतियां कर रहे हैं.” गुरुवार को अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भी चेतावनी दी कि वॉशिंगटन होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने में शामिल किसी भी पक्ष को सख्ती से निशाना बनाएगा.
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान को फिर धमकाया
बेसेंट ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिकी सरकार होर्मुज में टोल प्रणाली लागू करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं करेगी. विशेष रूप से ओमान को यह पता होना चाहिए कि अमेरिकी वित्त मंत्रालय होर्मुज में टोल लगाने में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किसी भी पक्ष को सख्ती से निशाना बनाएगा और किसी भी ऐसे सहयोगी को दंडित किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि तेहरान के क्षेत्र और दुनिया को आतंकित करने के दिन अब समाप्त हो चुके हैं.
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कैंप डेविड में कैबिनेट की बैठक के दौरान कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए खुला रहना चाहिए और इसे अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र बताया, जिसे किसी एक देश द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता है. ट्रंप ने आगे कहा कि हम इस पर नजर रखेंगे, लेकिन इसे कोई नियंत्रित नहीं कर पाएगा. यह हमारी बातचीत का हिस्सा है.

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