राजधानी में यमुना की सफाई और संरक्षण को लेकर रविवार को बड़ा स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सुबह छह बजे से दस बजे तक यमुना के 28 प्रमुख घाटों पर एक साथ सफाई अभियान आयोजित किया जाएगा। इस अभियान में दिल्ली सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, सामाजिक संगठन और हजारों स्वयंसेवक हिस्सा लेंगे।

सरकार के अनुसार, अभियान का उद्देश्य यमुना तटों की सफाई के साथ लोगों को नदी संरक्षण के प्रति जागरूक करना और इसे जन-आंदोलन का स्वरूप देना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गीता कॉलोनी घाट (ठोकर नंबर-14) से अभियान का नेतृत्व करेंगी। केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा यमुना बैंक, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता पुराने लोहे के पुल और जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह आईटीओ स्थित हाथी घाट पर मौजूद रहेंगे। सांसद मनोज तिवारी सूरघाट तथा राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल कालिंदी कुंज में सफाई अभियान में भाग लेंगी।
केंद्र की नजर, सरकार के सामने चुनौती
यमुना की सफाई का मुद्दा पिछले कई वर्षों से राजनीतिक और पर्यावरणीय बहस का केंद्र रहा है। केंद्र सरकार लगातार यमुना की स्थिति को लेकर चिंता जता चुकी है। ऐसे में दिल्ली सरकार के लिए यह अभियान अपनी प्रतिबद्धता और सक्रियता प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि यमुना का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही संभव है। इसी सोच के तहत अभियान में आम लोगों को भी जोड़ने पर जोर दिया गया है।
500 संगठनों की भागीदारी
अभियान में दिल्ली के करीब 500 सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक संगठनों को शामिल किया गया है। वजीराबाद, निगम बोध घाट, सिग्नेचर ब्रिज, सराय काले खां समेत 28 घाटों पर हजारों स्वयंसेवक श्रमदान करेंगे। इस दौरान लोगों को यह संकल्प भी दिलाया जाएगा कि वे पूजा सामग्री, प्लास्टिक और अन्य कचरा सीधे यमुना में नहीं डालेंगे।
नतीजे पर रहेगी सबकी नजर
हालांकि, यमुना की सफाई को लेकर पहले भी कई अभियान चलाए जा चुके हैं। पिछले वर्ष ‘मेरी यमुना, मेरा कर्तव्य’ अभियान के दौरान करीब 12 टन कचरा निकाला गया था, लेकिन नदी की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा। ऐसे में रविवार का अभियान केवल सफाई तक सीमित रहता है या दीर्घकालिक बदलाव की दिशा में ठोस पहल साबित होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

